बॉबी देओल बोले- लोगों को लगता पापा ने हमारा परिवार संवारा, पर असली हकदार मेरी मां
क्या है खबर?
अभिनेता बॉबी देओल ने हाल ही में अपने परिवार और परवरिश पर एक बेहद भावुक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनके और उनके भाई सनी देओल की कामयाबी और अच्छे संस्कारों के पीछे उनके पिता धर्मेंद्र से कहीं ज्यादा उनकी गृहणी मां प्रकाश कौर का हाथ है। बॉबी के मुताबिक, उनके पिता धर्मेंद्र हमेशा फिल्मों की शूटिंग और काम में व्यस्त रहते थे, ऐसे में उनकी मां ने अकेले ही पूरे घर को संभाला और बच्चों की परवरिश की।
खुलासा
मां प्रकाश कौर ने सींची देओल परिवार की नींव
रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में बात करते हुए बॉबी ने अपने परिवार और अपनी परवरिश पर मां के प्रभाव को याद किया। अभिनेता ने कहा कि अक्सर लोग सुपरस्टार होने की वजह से यही मानते हैं कि उनके परिवार को संवारने में सबसे बड़ी भूमिका उनके पिता धर्मेंद्र की रही है, लेकिन बॉबी का मानना है कि इसका असल श्रेय काफी हद तक उनकी मां प्रकाश कौर को जाता है।
दो टूक
"मां अभिनेत्री नहीं हैं, इसलिए लोग सिर्फ पापा की बात करते हैं"
बॉबी ने कहा, "मेरी मां पूरी जिंदगी एक गृहणी रही हैं। लोगों को हमेशा यही लगता है कि हम आज जैसे भी हैं, उसके पीछे सबसे बड़ी वजह हमारे पापा हैं, लेकिन ऐसा कभी नहीं होता। बच्चे कैसे बनते हैं, इसमें सबसे बड़ी भूमिका मां की होती है, चूंकि मेरी मां कोई अभिनेत्री नहीं हैं, इसलिए हम अक्सर सिर्फ अपने पिता के बारे में ही बात करते रह जाते हैं, लेकिन मेरी मां एक अद्भुत महिला हैं।"
भावुक बयान
मां प्रकाश कौर ने बच्चों की परवरिश को बनाया अपनी दुनिया
बॉबी बोले, "जब मां की शादी पापा से हुई थी, तब वो बहुत छोटी थीं। इसके बाद जो भी नाम, शोहरत और कामयाबी मिली, वो कभी उसके चकाचौंध में नहीं पड़ीं। वह तब भी एक साधारण महिला थीं और आज भी वैसी ही हैं... बिल्कुल जमीन से जुड़ी हुई।" एक तरफ जहां धर्मेंद्र बॉलीवुड का सबसे सफल करियर बनाने में जुटे , वहीं प्रकाश ने पूरा ध्यान बच्चों की परवरिश और घर में स्थिरता बनाए रखने पर केंद्रित कर रखा।
त्याग
धर्मेंद्र की चकाचौंध में गुम हो गया प्रकाश कौर का योगदान
धर्मेंद्र ने फिल्मों में आने से पहले 1954 में प्रकाश कौर से शादी की थी, जिनसे उनके 4 बच्चे (सनी, बॉबी, अजीता और विजेता) हैं। बाद में 1980 में धर्मेंद्र ने हेमा मालिनी से दूसरी शादी कर ली। बॉबी का मानना है कि दशकों तक उनका परिवार लगातार मीडिया की सुर्खियों में रहा, लेकिन इसके बावजूद उनकी मां प्रकाश कौर के त्याग और योगदान को कभी वो पहचान या श्रेय नहीं मिला, जिसकी वो असल में हकदार थीं।