'घूसखोर पंडित' पर बवाल, विश्व हिंदू परिषद ने चेताया- नाम बदलो; वरना सड़कों पर होगा हिसाब
क्या है खबर?
मनोज बाजपेयी की फिल्म 'घूसखोर पंडित' के नाम पर विवाद जारी है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने इसके नाम पर कड़ा ऐतराज जताते हुए निर्माताओं को खुली चेतावनी दी है। हिंदू संगठन का कहना है कि अगर इस सीरीज के जरिए ब्राह्मणों या हिंदू समाज की छवि को गलत तरीके से पेश किया गया तो अंजाम बहुत बुरा होगा। VHP ने साफ कर दिया है कि वो अपनी आस्था और समाज के सम्मान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे।
चेतावनी
नेटफ्लिक्स समेत OTT प्लेटफॉर्म्स पर विहिप का हमला
ANI को दिए एक इंटरव्यू में विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता श्रीराज नायर ने साफ कहा कि उनका संगठन कभी भी रचनात्मक अभिव्यक्ति के बीच में नहीं आता, लेकिन पिछले कुछ समय से OTT प्लेटफॉर्म्स खासकर नेटफ्लिक्स पर ऐसी सामग्री की बाढ़ आ गई है, जो हिंदुओं का मजाक उड़ाती है। उनका कहना है कि फिल्मों और सीरीज में जानबूझकर देवी-देवताओं, साधु-संतों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है, जो अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संदेश
नाम बदलो या आंदोलन झेलो- विश्व हिंदू परिषद
VHP प्रवक्ता ने सरकार से दखल की मांग करते हुए सीधा अल्टीमेटम दिया है। श्रीराज नायर ने सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि अगर फिल्म का विवादित शीर्षक और आपत्तिजनक सीन नहीं हटाए गए तो विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल अपना रौद्र रूप दिखाने पर मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि फिल्म का नाम बदला जाए, वरना सड़कों पर विरोध प्रदर्शन तेज किया जाएगा।
कारण
विवाद की वजह क्या है?
'ए वेडनेसडे' और 'बेबी' के निर्देशक नीरज पांडे की फिल्म 'घूसखोर पंडित' पर विवाद इसका टीजर रिलीज होने के बाद शुरू हुआ। दरअसल, 'पंडित' शब्द के साथ 'घूसखोर' जोड़ने पर ब्राह्मण समाज में कड़ी नाराजगी है। ब्राह्मण समाज की भावनाओं को आहत होता देख निर्माताओं ने फिलहाल फिल्म का टीजर हटा लिया है। फिल्म इस साल के अंत में नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली थी, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए इसकी रिलीज पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।
मांग
FWICE ने सरकार से की सख्त कार्रवाई की मांग
उधर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने फिल्म पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे बैन करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पंडित शब्द के साथ घूसखोर जोड़ना पूरे ब्राह्मण समाज का अपमान है। उन्होंने सवाल उठाया कि निर्माता हमेशा हिंदू धर्म और उसके प्रतीकों को ही निशाना क्यों बनाते हैं? तिवारी ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से मामले में हस्तक्षेप करने और निर्माताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है।