अमिताभ की चेतावनी- सुन लो मीडियावालों, हमारे एक इशारे पर 5 करोड़ फैंस तैयार बैठे हैं
क्या है खबर?
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन ने अपनी बातों का गलत मतलब निकालने और उन्हें मरोड़कर पेश करने वाली मीडिया खबरों पर कड़ा ऐतराज जताया है। हाल ही में आई एक खबर में उनके बयान को विरोधियों के लिए चुनौती बताया गया था। इस पर अमिताभ ने साफ किया कि उनकी पोस्ट भगवान श्रीकृष्ण के प्रति भक्ति भाव से लिखी गई थी। इसका राजनीति या किसी को धमकी देने से कोई लेना-देना नहीं था।
चेतावनी
कान पकड़कर सुन लो, फैंस 100 गुना ताकत से जवाब देंगे- अमिताभ
अपने ब्लॉग पर अमिताभ ने लिखा, 'सुन लो कान पकड़ के मीडियावालों। 5 करोड़ की आबादी है हमारे फॉलोअर्स की, मीडिया वालों। जिस दिन हमने इशारा किया तो उनमें से केवल 10 प्रतिशत ही, ठोकने के लिए तैयार बैठे हैं।"
उन्होंने आगे चेतावनी दी कि मीडिया चाहे उनकी बातों को कितना भी तोड़-मरोड़ ले या उनकी कितनी भी आलोचना कर ले, उनके फैंस (प्रशंसकों का परिवार) में उससे 100 गुना ज्यादा ताकत के साथ जवाब देने की क्षमता है।
सवाल
मीडिया पोर्टल देश का पांचवां स्तंभ, साख और सम्मान पर उठाए सवाल
अमिताभ ने कहा कि फैंस को कदम उठाने के लिए बस उनके एक इशारे की जरूरत है। उन्होंने संबंधित मीडिया पोर्टल को 'पांचवां स्तंभ' बताते हुए उसकी साख और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए।
अपनी बातों को गलत तरीके से पेश किए जाने पर अमिताभ ने मीडिया की साख और सम्मान पर सवाल उठाए।
हालांकि, महानायक ने ये भी इशारा किया कि मीडिया के कुछ वर्ग ऐसी गलतियां करने को मानो अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझने लगे हैं।
दो टूक
मेरा दर्द सिर्फ मेरा, मीडिया इस काबिल भी नहीं
अमिताभ ने लिखा, 'मैं दुखी मन से सोने जा रहा था, लेकिन खुद को लाचार नहीं कहूंगा। मेरा दर्द सिर्फ मेरा है और मीडिया इस लायक भी नहीं कि मैं उनके सामने अपना दर्द बयां करूं।'
अमिताभ के इस गुस्से की मुख्य वजह उनके एक धार्मिक पोस्ट को गलत तरीके से पेश करना था। दरअसल, उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ा विचार साझा करते हुए लिखा था कि देवकी-वासुदेव की रक्षा के लिए कृष्ण ने खुद को ढाल बनाया था।