
जन्मदिन विशेष: इन मौकों पर अभिनेत्री तापसी पन्नू ने निडर होकर रखे अपने विचार
क्या है खबर?
तापसी पन्नू आज के दौर में फिल्म इंडस्ट्री की सबसे व्यस्त अभिनेत्रियों में शुमार की जाती हैं। उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।
इस अभिनेत्री ने बॉलीवुड को कई हिट फिल्में दी हैं। एक महिला के नाते वह किसी भी सामाजिक मुद्दे पर अपनी स्पष्ट राय रखती हैं।
आज तापसी के 34 जन्मदिन के मौके पर हम उन किस्सों का जिक्र करेंगे, जब उन्होंने निडर होकर अपनी बात रखी है।
जानकारी
एक निर्देशक के खिलाफ तापसी ने कही ये बात
तापसी में वह हिम्मत है, जो खुद को लॉन्च करने वाले एक वरिष्ठ निर्देशक को मुंहतोड़ जवाब देती हैं। तापसी को एक निर्देशक ने साउथ फिल्मों में लॉन्च किया था।
तापसी ने महिलाओं को फिल्मों में एक वस्तु के रूप में पेश करने को लेकर इस निर्देशक के खिलाफ मुखरता से अपनी बात रखी थी।
उन्होंने कहा था, "शायद इसलिए कि मैं तैयार नहीं थी, मेकर्स ने मेरी छाती और कमर के बीच के हिस्से पर नारियल फेंक दिया था।"
बदायूं गैंगरेप केस
राष्ट्रीय महिला आयोग की एक सदस्य के खिलाफ दी थी प्रतिक्रिया
इस साल जनवरी में तापसी ने राष्ट्रीय महिला आयोग की एक सदस्य के खिलाफ अपनी बात रखी थी।
दरअसल, बदायूं गैंगरेप केस के मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग की एक सदस्य चंद्रमुखी देवी ने पीड़िता पर ही सारा दोष मढ़ दिया था।
उन्होंने कहा था कि एक 50 वर्षीया महिला अगर रात में अकेले बाहर नहीं निकलती, तो बच सकती थीं। तापसी ने इस मसले पर अपने ट्विटर हैंडल पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।
जानकारी
'फीमेल आयुष्मान खुराना' कहने पर तापसी हुई थीं असहज
तापसी को भूमि पेडनेकर के साथ 2020 के फिल्मफेयर अवार्ड्स में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (क्रिटिक्स) की ट्रॉफी से सम्मानित किया गया था। तापसी को फिल्म 'सांड की आंख' के लिए यह पुरस्कार दिया गया था।
इसी दरमियान उन्हें एक प्रोड्यूसर ने 'फीमेल आयुष्मान खुराना' कहकर संबोधित किया था। तापसी को ऐसी प्रतिक्रिया अच्छी नहीं लगी और उन्होंने इसका करारा जवाब दिया था।
उन्होंने कहा था, "क्यों ना आप मुझे बॉलीवुड की पहली तापसी पन्नू बुलाएं।"
किसान आंदोलन
किसान आंदोलन का तापसी ने किया समर्थन
तापसी अक्सर राजनीतिक बयानबाजी से दूर रहती हैं। इसके बावजूद वह किसानों के आंदोलन का समर्थन करती दिखी हैं।
उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में चल रहे आंदोलन पर भी राय प्रकट की थी। पॉप स्टार रिहाना के खिलाफ विदेश मंत्रालय द्वारा ट्रेंड किए गए #IndiaAgainstPropaganda हैशटैग पर उन्होंने अपनी राय रखी थी।
रिहाना ने किसान आंदोलन का समर्थन किया था। इसके बाद सरकार की तरफ से विभिन्न मंचों पर रिहाना का विरोध शुरू हो गया था।
प्रतिक्रिया
#IndiaAgainstPropaganda के खिलाफ तापसी ने क्या कहा?
उन्होंने #IndiaAgainstPropaganda के खिलाफ ट्वीट करते हुए लिखा था, 'अगर एक ट्वीट आपकी एकता को ठेस पहुंचाती है, एक मजाक आपके विश्वास को चकनाचूर करता है या एक शो आपके धार्मिक विश्वास को झकझोरता है। ऐसे में आपको अपनी वेल्यू सिस्टम को मजबूत करने पर काम करना होगा। दूसरों के लिए प्रोपेगेंडा टीचर नहीं बनना चाहिए।'
तापसी के इस ट्वीट की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हुई थी और लोगों ने अपनी अलग-अलग राय रखी थी।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखिए तापसी का ट्विटर पोस्ट
If one tweet rattles your unity, one joke rattles your faith or one show rattles your religious belief then it’s you who has to work on strengthening your value system not become ‘propaganda teacher’ for others.
— taapsee pannu (@taapsee) February 4, 2021