
रामानंद सागर की रामायण के बाद फिर राम का किरदार निभाते दिखेंगे अरुण गोविल
क्या है खबर?
रामानंद सागर की रामायण आज भी लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है।
80 के दशक में आई रामायण में अरुण गोविल ने राम का किरदार निभाया था। मर्यादा पुरुषोत्तम के किरदार में अरुण को दर्शकों का अपार प्रेम मिला था।
अरुण ने राम के अलावा विक्रम बेताल में भी काम किया, लेकिन यह राम का किरदार ही था जिसके कारण वह कहीं भी जाते तो भीड़ उन्हें घेर लेती।
अब अरुण एक बार फिर राम बनने जा रहे हैं।
दशहरा
स्टेज प्ले में राम का किरदार दोबारा जिएंगे अरुण
अरुण लगभग तीन दशक के बाद राम का किरदार निभाते दिखने वाले हैं। लेकिन वह टेलीविज़न पर नहीं बल्कि स्टेज पर किरदार को दोबारा जीते दिखेंगे।
दरअसल, दशहरा के दौरान दिल्ली में आयोजित होने वाले एक स्टेज प्ले 'द लीजेंड ऑफ राम: एक शब्द, एक बाण, एक नारी' में अरुण, राम के किरदार में दिखाई देने वाले हैं।
इसे अतुल सत्या कौशिक डायरेक्ट करने वाले हैं। राम के किरदार के लिए कौशिक की पहली च्वॉइस अरुण ही थे।
जानकारी
'चक्रव्यूह' और 'रावण की रामायण' को कर चुके हैं डायरेक्ट
कौशिक ने इसके पहले 'चक्रव्यूह' को डायरेक्ट किया था। इसमें नितीश भारद्वाज, कृष्णा के रोल में थे। इसके अलावा वह 'रावण की रामायण' को भी डायरेक्ट कर चुके हैं जिसमें पुनीत इसार ने रावण का किरदार निभाया था।
बयान
यह राम एक मानवीय किरदार होगा- अरुण
वहीं, राम के किरदार को लगभग 30 साल बाद दोबारा निभाने पर अरुण का कहना है, "जो राम मैं अब निभाने जा रहा हूं वह एक मानवीय किरदार है। वह एक आम इंसान है जो अपनी जिंदगी में काफी संघर्ष करता है, अपने आदर्शों पर कायम रहता है, वह विजयी होकर उभरता है और अपने समय का विष्णु माना जाने लगता है।"
अरुण ने इसके पहले कमर्शियल थिएटर में काम नहीं किया है।
तारीख
8 अक्टूबर को आयोजित होगा प्ले
अरुण ने यह भी बताया कि वह अपने प्ले के माध्यम से यह कहना चाह रहे हैं कि कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनमें उत्कृष्ट क्षमता होती है और वह देवतुल्य बन जाते हैं।
बता दें कि प्ले 'द लीजेंड ऑफ राम: एक शब्द, एक बाण, एक नारी' दिल्ला के कमानी ऑडिटोरियम में आयोजित होगा।
यह 8 अक्टूबर को 3 और 6 बजे होगा।
इसके लिए टिकट आप बुक मॉय शो से बुक कर सकते हैं।