
राजस्थान हाई कोर्ट ने सिविल सेवा प्री-परीक्षा के नतीजे किए रद्द, मुख्य परीक्षा पर लटकी तलवार
क्या है खबर?
राजस्थान हाई कोर्ट ने राजस्थान सिविल सेवा प्रांरभिक परीक्षा का रिजल्ट रद्द कर दिया है।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की तरफ से प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट 19 नवंबर, 2021 को जारी किया था और इसकी परीक्षा 27 अक्टूबर, 2021 को आयोजित हुई थी।
हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद 25-26 फरवरी को होने वाली राजस्थान सिविल सेवा मुख्य परीक्षा को लेकर एक बार फिर संशय पैदा हो गया है।
निर्देश
हाई कोर्ट ने दिए संशोधित परिणाम जारी करने के निर्देश
हाई कोर्ट ने परीक्षा परिणाम को रद्द करते हुए संशोधित परिणाम जारी करने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि यह आदेश जस्टिस महेंद्र गोयल की अदालत ने अंकित कुमार और अन्य की याचिकाओं पर दिए हैं।
हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद आज RPSC के फुल कमीशन बैठक हो सकती है।
इस बैठक में हाई कोर्ट की एकलपीठ के निर्णय के खिलाफ डबल बैंच में जाने पर चर्चा की जायेगी।
पृष्ठभूमि
राजस्थान सिविल सेवा प्रांरभिक परीक्षा का मामला हाई कोर्ट क्यों पहुंचा?
राजस्थान सिविल सेवा भर्ती के प्रारम्भिक परीक्षा की उत्तर कुंजी को लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने कोर्ट में आयोग को 16 सवालों के उत्तर को चुनौती दी थी, जिसमें पांच सवालों के बोनस अंक पहले ही दिए जा चुके हैं।
वहीं, स्पेशल कमेटी की रिपोर्ट देखने के बाद मंगलवार को हाई कोर्ट की जयपुर बेंच ने पांच सवालों को विवादित मानते हुए बाकी के छह सवालों पर अभ्यर्थियों की आपत्ति को खारिज कर दिया है।
अशोक गहलोत
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को कहा था कि मुख्य परीक्षा स्थगित नहीं होगी
बता दें कि सोमवार को राजस्थान सिविल सेवा मुख्य परीक्षा को स्थगित करने की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शन के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बयान जारी कर यह स्पष्ट किया था कि मुख्य परीक्षा निर्धारित शेड्यूल के अनुसार 25 और 26 फरवरी, 2022 को ही आयोजित की जाएगी।
परीक्षा स्थगित ना किए जाने का कारण बताते हुए उन्होंने आगे कहा था कि इससे उम्मीदवारों के ऊपर वित्तीय और मानसिक दबाव पड़ेगा।
जानकारी
न्यूजबाइट्स प्लस
राज्य सरकार ने राजस्थान सिविल सेवा के 988 पदों पर भर्ती निकाली थी। इसमें राज्य सेवा के 363 और अधीनस्थ सेवा के 625 पद हैं। 22 नवम्बर को जारी प्रारंभिक परीक्षा के नतीजों के अनुसार मुख्य परीक्षा के लिए 20,102 अभ्यर्थियों पात्र माने गए थे।