
जानें बिहार बोर्ड 12वीं टॉपर नेहा ने कैसे की तैयारी, गांव वालों के लिए बनीं मिसाल
क्या है खबर?
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने 24 मार्च, 2020 (मंगलवार) को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर 12वीं बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट जारी कर दिया है।
12वीं बोर्ड परीक्षाओं में तीनों स्ट्रीम में लड़कियो ने टॉप किया है। साइंस में नेहा कुमारी ने 95.2% नंबर के साथ पहला स्थान प्राप्त किया है। कॉमर्स में कौसर फातमा और सुधांशु नारायण चौधरी ने 95.2% और आर्ट्स में साक्षी कुमारी ने 94.80% नंबर से टॉप किया है।
आइए जानें नेहा कुमारी ने कैसे किया टॉप।
टॉपर
नेहा को टॉप करने की नहीं थी उम्मीद
नेहा कुमारी ने बिहार बोर्ड 12वीं परीक्षा में साइंस स्ट्रीम में 95.2% नंबर के साथ टॉप किया है।
नेहा हजारीलाल सीनियर सेकेंडरी स्कूल गोपालगंज की छात्रा है। उन्होंन कुल 500 में से 476 नंबर प्राप्त किए हैं।
बता दें कि नेहा के अनुसार उन्हें अच्छे नंबर लाने की तो उम्मीद थी, लेकिन उन्हें ये उम्मीद नहीं थी कि वे लाखों उम्मीदवारों के बीच पहला स्थान प्राप्त करेंगी।
श्रेय
अपनी मां को दिया अपनी सफलता का श्रेय
नेहा गोलपालगंज जिले के बलवान सागर गांव की हैं। उनके पिता का नाम ओम प्रकाश गिरि और माता का नाम सुनीता देवी है। उनके माता-पिता को आज नेहा पर बहुत गर्व होगा।
नेहा ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपनी मां और अपने परिवार के सदस्यों को दिया है।
उनका कहना है कि कठिन अध्ययन करने के लिए उनके परिवार ने उनका साथ दिया और हमेशा नेहा को समाज में अपनी एक अलग लिए जगह बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
परीक्षा तैयारी
ऐसे की परीक्षा की तैयारी
12वीं में ही नहीं 10वीं में भी नेहा ने अच्छे नंबर प्राप्त किए थे। 10वीं में नेहा के 500 में से 408 नंबर आए थे।
नेहा का कहना कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए बहुत मेहनत की थी। सिलेबस पूरा करने के बाद नेहा ने प्रत्येक विषय का रिवीजन करने के लिए शॉर्ट नोट्स बनाएं।
नेहा ने पिछले साल के प्रश्न पत्र हल किए, जिससे कि उन्हें परीक्षा पैटर्न और प्रश्नों के प्रकार को समझने में मदद मिली।
मिसाल
गांव वालों के लिए बनीं एक मिसाल
नेहा के पिता नौकरी के कारण विदेश में रहते हैं। उनके चाचा जय प्रकाश गिरी एक मिडिल स्कूल के शिक्षक हैं और नेहा ने उनसे सीखने का कोई भी मौका नहीं थोड़ा।
नेहा बचपन से ही मेधावी छात्रा रही हैं। पहला स्थान हासिल करके नेहा अपने परिवार के छोटे बच्चों के साथ-साथ पूरे गांव के लिए एक मिसाल बन गई हैं।
उनके चाचा का कहना है कि नेहा ने बहुत मेहनत की है, जिसका रिजल्ट आज हमारे सामने हैं।