
उत्तर प्रदेश: हाईकोर्ट ने 68,500 शिक्षकों की भर्ती की CBI जांच पर लगाई रोक
क्या है खबर?
राज्य सरकार को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने बड़ी राहत दी है। उत्तर प्रदेश में 68,500 सहायक शिक्षक पदों पर इस साल हुई भर्ती में गड़बड़ी पर CBI जांच के आदेश थे, लेकिन न्यायालय ने सहायक शिक्षक भर्ती में कथित गड़बड़ी की CBI जांच के एकल पीठ के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है।
इतना ही नहीं न्यायालय ने इस मामले में दर्ज FIR पर CBI को फिलहाल कोई भी कार्रवाई करने से भी रोक दिया है।
आदेश
मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर व न्यायमूर्ति मनीष माथुर की खंडपीठ ने दिया आदेश
राज्य सरकार की ओर से एक विशेष अपील दाखिल की गई थी। जिस पर मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर व न्यायमूर्ति मनीष माथुर की खंडपीठ ने यह आदेश दिया।
राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने दलील दी कि भर्ती प्रकिया पारदर्शी व निष्कलंक है। किसी प्रकार की कोई आपराधिक साजिश नहीं हुई है।
साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि अपने आदेश में एकल पीठ ने बिना किसी सबूत के भर्ती में भ्रष्टाचार होने का फैसला दे दिया।
जानकारी
कब होगी अगली सुनवाई
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मंगलवार को करीब दो घंटे की सुनवाई हुई, जिसके बाद हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया है। 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती मामले के लिए अगली सुनवाई 21 जनवरी, 2019 को की जाएगी।
डिवीजन बेंच
डिवीजन बेंच ने CBI वकील से किया सवाल
साथ ही उन्होंने ये भी माना कि कुछ अभ्यर्थियों के मामले में परीक्षकों से गलती हो गई थी, जिसको ठीक कर लिया गया था।
इसके बाद CBI जांच का कोई भी औचित्य नहीं था। वे बोले तथ्यों को ठीक से समझे बिना ही एकल पीठ ने CBI जांच का आदेश दे दिया। जिस कारण आदेश ठहरने योग्य नहीं है।
इस पर डिवीजन बेंच सहमत हुई और CBI वकील से पूछा कि क्या CBI ने जांच प्रारम्भ कर दी है।
CBI वकील
डिवीजन बेंच को CBI वकील ने दिया ये जवाब
डिवीजन बेंच को वकील ने कहा कि अभी FIR दर्ज की गई है। जैसे ही रिकार्ड प्राप्त होते हैं जांच प्रारम्भ कर दी जाएगी। इसके बाद CBI जांच की प्रकिया को आगे बढ़ाने से न्यायालय ने रोक दिया।
एजेंसी मैंनेजमेंट कंट्रोल सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड (जिसने बार कोडिंग की थी) ने एकल पीठ के आदेश के विरुद्ध अपील दाखिल की थी। महाधिवक्ता के तर्कों पर ही न्यायालय ने एकल पीठ के आदेश पर स्टे लगा दिया।
जानकारी
किस कारण दिया गया था CBI जांच का आदेश
1 नवम्बर को न्यायमूर्ति इरशाद अली की एकल सदस्यीय पीठ ने सहायक शिक्षक भर्ती 2018 में प्रथम दृष्टया भ्रष्टाचार होने की बात कही थी। जिस कारण CBI को जांच के आदेश दिए गए थे।