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CBSE की 10वीं बोर्ड परीक्षा का नियम, दूसरी परीक्षा के लिए पहली परीक्षा में बैठना जरूरी
CBSE ने 10वीं बोर्ड परीक्षा पर बयान दिया

CBSE की 10वीं बोर्ड परीक्षा का नियम, दूसरी परीक्षा के लिए पहली परीक्षा में बैठना जरूरी

लेखन गजेंद्र
Feb 16, 2026
06:03 pm

क्या है खबर?

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026 से शुरू होने वाली 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं के संबंध में नए नियमों को लेकर एक स्पष्टीकरण जारी किया है। CBSE ने कहा है कि बोर्ड परीक्षाएं कल से शुरू हो रही है, ऐसे में सभी छात्रों को पहली बोर्ड परीक्षा में बैठना अनिवार्य है। अगर कोई छात्र परीक्षा में नहीं बैठता है या फिर 3 या उससे अधिक विषयों में अनुपस्थित रहता है तो उसे दूसरी परीक्षा में बैठने को नहीं मिलेगा।

जिज्ञासा

छात्रों और अभिभावकों की जिज्ञासा पर बोर्ड ने स्पष्ट किया नियम

CBSE ने यह स्पष्टीकरण तब जारी किया है, जब कई छात्र और अभिभावक व्यक्तिगत, चिकित्सा या अन्य कारणों से पहली परीक्षा में शामिल न हो पाने की स्थिति में दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठने के संबंध में मार्गदर्शन चाहते थे। ऐसे में CBSE ने स्पष्ट किया कि इस नियम को दरकिनार करने के किसी भी अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा और दोहराया कि दूसरी परीक्षा के लिए पात्रता नियम पूरी तरह से बाध्यकारी हैं।

जानकारी

पहली परीक्षा में नही बैठे तो सीधे अगले साल फरवरी में देनी होगी परीक्षा

बोर्ड के मुताबिक, सभी छात्रों के लिए 10वीं की पहली बोर्ड परीक्षा अनिवार्य है। जो छात्र 3 या अधिक विषयों में परीक्षा नहीं देंगे, उन्हें दूसरी परीक्षा की अनुमति नहीं मिलेगी। ऐसे छात्र "अनिवार्य पुनरीक्षण" श्रेणी में होंगे और अगले वर्ष फरवरी में परीक्षा देंगे।

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छूट

दूसरी परीक्षा में शामिल होने में किसको मिलेगी छूट?

CBSE ने स्पष्ट किया कि दूसरी परीक्षा के लिए केवल कुछ विशिष्ट श्रेणियों के छात्रों को छूट मिलेगी, जिसके लिए 4 श्रेणी विभाजित है। इसमें सुधार श्रेणी के तहत पहली परीक्षा में सफल छात्र विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं में अधिकतम 3 विषयों में अपना प्रदर्शन सुधार सकते हैं। कंपार्टमेंट श्रेणी और संयुक्त सुधार-कंपार्टमेंट श्रेणी के तहत और प्रतिस्थापन विषय के तहत जो छात्र उत्तीर्ण हो चुके हैं लेकिन प्रतिस्थापन से विषय में सुधार करने वालों को मौका मिलेगा।

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अवसर

अगर एक विषय में अनुपस्थित होते हैं तो?

अगर कोई छात्र पहली बोर्ड परीक्षा में अनुपस्थित होता है तो उसे केवल उसी परीक्षा को दूसरी बार देना होगा। यह कंपार्टमेंट श्रेणी के तहत दी जा सकेगी। ऐसे में छात्र को अन्य सभी परीक्षाएं नहीं देनी होगी। छात्र को किसी विषय की परीक्षा में अनुपस्थित रहने पर परीक्षा शुरू होने से 15 दिन पहले स्कूल के जरिए क्षेत्रीय कार्यालय (RO) को चिकित्सा प्रमाण पत्र देना होगा। ऐसे छात्रों का साल बर्बाद नहीं होगा।

जानकारी

मंगलवार से शुरू हो रही हैं परीक्षाएं

CBSE की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हो रही है, जिसमें भारत और विदेश से 46 लाख से अधिक छात्र शामिल होंगे। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) की दो-परीक्षा नीति के तहत साल में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित होनी है।

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