श्रीधर वेंबू ने UBI छोड़ डीप टेक को बताया आय बढ़ाने का तरीका
जोहो के संस्थापक श्रीधर वेंबू ने यूनिवर्सल बेसिक इनकम (UBI) का विरोध किया है। उनका मानना है कि शिक्षकों, किसानों और गैर-तकनीकी पेशों से जुड़े दूसरे लोगों की आय बढ़ाने के लिए डीप टेक डेवलपमेंट पर जोर देना चाहिए।
हाल ही में उन्होंने एक्स पर एक उदाहरण देते हुए बताया कि स्विट्जरलैंड के शिक्षक कुछ ही दिनों के वेतन में आईफोन खरीद सकते हैं, लेकिन भारत के शिक्षकों को इसके लिए कई महीनों की कमाई लग जाती है। वेंबू का मानना है कि यह फर्क सिर्फ बेहतर तकनीक और अच्छी नीतियों की वजह से है।
शोध-आधारित ग्रामीण विकास का किया समर्थन
वेंबू कहते हैं कि भारत अगर एडवांस तकनीक पर काम करेगा तो उसे UBI जैसी सरकारी मदद पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
वे इसके लिए स्विट्जरलैंड और इजरायल जैसे देशों का उदाहरण देते हैं, जहां शोध पर आधारित नई खोजें अच्छे वेतन और स्थायी विकास को बढ़ावा देती हैं।
उनका सपना है कि तकनीक से मिली दौलत का इस्तेमाल ग्रामीण शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और संस्कृति को बेहतर बनाने में किया जाए। इससे ग्रामीण समुदाय ज्यादा मजबूत और आत्मनिर्भर बन पाएंगे।