यस बैंक का पहली तिमाही में मुनाफा 33.7 फीसदी उछला
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1) में यस बैंक ने 1,071 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 33.7 फीसदी ज्यादा है।
इस बढ़त की मुख्य वजह ब्याज से हुई आय में बढ़ोतरी और खर्चों पर बेहतर नियंत्रण रहा है। बैंक ने ज्यादा प्रावधान किए, फिर भी वह कर्ज की लागत को कम रखने में कामयाब रहा।
डिफॉल्ट में कमी से परिसंपत्ति गुणवत्ता मजबूत हुई
अधिक ऋण वितरण के कारण बैंक की ब्याज आय में बढ़ोतरी हुई, जबकि ब्याज पर होने वाले खर्च लगभग स्थिर बने रहे। इससे बैंक का ब्याज अंतर 2.7 फीसदी पर कायम रहा। गैर-ब्याज आय में भी मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) विनय एम तोन्से ने बताया कि जैसे-जैसे डिफॉल्ट कम हुए बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता और बेहतर हुई। फंसा हुआ कर्ज (बैड लोन) घटकर 1.3 फीसदी रह गया और पूंजी पर्याप्तता 15.1 फीसदी पर मजबूत बनी हुई है।
इसके अलावा, मूडीज, केयर और ICRA जैसी रेटिंग एजेंसियों ने बैंक की रेटिंग में सुधार किया है। साथ ही, इसे S&P ग्लोबल से पहली बार अंतरराष्ट्रीय रेटिंग भी मिली है।