उबर, ओला और रैपिडो के ड्राइव 7 फरवरी को क्यों करेंगे राष्ट्रव्यापी हड़ताल?
क्या है खबर?
देशभर में ऐप के जरिए चलने वाली टैक्सी और बाइक सेवाओं से जुड़े ड्राइवरों ने एक बड़े विरोध का ऐलान किया है। उबर, ओला और रैपिडो जैसी सेवाओं से जुड़े गिग वर्कर शनिवार (7 फरवरी) को कुछ समय के लिए काम बंद रखेंगे। इस हड़ताल का असर बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे शहरों में भी देखने को मिल सकता है। यूनियनों का कहना है कि यह कदम अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए उठाया गया है।
वजह
क्यों हो रही है हड़ताल और कितनी देर चलेगी?
इस विरोध में शामिल ड्राइवर और राइडर करीब छह घंटे तक ऐप पर लॉग-इन नहीं करेंगे और सड़कों से दूर रहेंगे। गिग वर्करों का कहना है कि कंपनियां किराया तय करने में मनमानी कर रही हैं, जिससे उनकी कमाई लगातार घट रही है और खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है। यूनियनों की मांग है कि सरकार न्यूनतम किराया तय करे, ताकि ड्राइवरों को हर राइड पर एक तय और उचित आमदनी मिल सके और उन्हें नुकसान न उठाना पड़े।
समस्या
पहले भी उठ चुकी है कम आमदनी की समस्या
यह पहला मौका नहीं है जब गिग वर्करों ने अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाई हो। कुछ समय पहले फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स से जुड़े वर्करों ने भी कम कमाई और कठिन काम के हालात को लेकर प्रदर्शन किया था, जिससे सरकार का ध्यान गया था। सरकारी रिपोर्टों में भी माना गया है कि बड़ी संख्या में गिग वर्कर महीने में बहुत कम पैसा कमा पा रहे हैं, जिससे उनके लिए परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।
अन्य
तेजी से बढ़ रहा गिग सेक्टर
भारत में गिग वर्करों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और हर साल नए लोग जुड़ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते कुछ वर्षों में इनकी संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। स्मार्टफोन और डिजिटल पेमेंट की वजह से यह सेक्टर फैल रहा है, लेकिन इसके साथ ही कमाई में उतार-चढ़ाव और असुरक्षा भी बढ़ी है। यूनियनों का कहना है कि अगर नियम साफ नहीं बने, तो भविष्य में गिग वर्करों की समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं।