टैक्स छूट के आधार पर क्यों नहीं लें निवेश का फैसला? इन बातों पर करें विचार
क्या है खबर?
कई लोग निवेश विकल्प चुनते समय इस बात को भी प्राथमिकता देते हैं कि किस स्कीम में टैक्स पर ज्यादा छूट मिल रही है। अक्सर, छूट दिखते ही वे जल्दबाजी में निर्णय ले लेते हैं, जिसका उन्हें बाद में नुकसान उठाना पड़ता है। जानकार मानते हैं कि टैक्स में छूट आकर्षक तो हो सकती हैं, लेकिन निवेश रणनीति में इन्हें एकमात्र कारक नहीं बनाना चाहिए। आइये जानते हैं टैक्स छूट को निवेश का आधार क्यों नहीं बनाना चाहिए।
नुकसान
ये हो सकते हैं नुकसान
टैक्स में छूट का लालच निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है, जिससे ऐसे फैसले लिए जा सकते हैं जो व्यक्तिगत वित्तीय लक्ष्यों के अनुरूप न हों। जल्दबाजी में वे न तो बाजार के रुझानों पर ध्यान दिए बिना ही अस्थायी लाभ के लिए गलत फैसले कर लेते हैं। इतना ही नहीं निवेशक विविध निवेश पोर्टफोलियो की आवश्यकता को नजरअंदाज कर एक ही स्कीम में अपना पूरा पैसा लगा देता है, जिससे नुकसान होने की संभावना रहती है।
उपाय
निवेश से पहले इन बातों पर दें ध्यान
कोई भी निवेश करने से पहले विकल्प की विकास क्षमता, बाजार मांग और पिछले प्रदर्शन पर ध्यान दें। सारा पैसा एक ही जगह न लगाएं। विविध निवेश पोर्टफोलियो जोखिमों को कम कर सकता है और समय के साथ रिटर्न बढ़ा सकता है। पेशेवर सलाहकार आपको जटिल टैक्स संबंधी पहलुओं और निवेश रणनीतियों को समझने में मदद कर सकते हैं। अपने निवेश को अपने वित्तीय उद्देश्यों के अनुरूप बनाएं। अस्थायी टैक्स बचत के बजाय स्थिरता और विकास को प्राथमिकता दें।