Loading...
हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम क्यों हो सकता है रिजेक्ट? जानिए किन गलतियों से बचें
हर पॉलिसी में कुछ नियम और शर्तें होती हैं

हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम क्यों हो सकता है रिजेक्ट? जानिए किन गलतियों से बचें

Sep 22, 2026
10:16 am

क्या है खबर?

हेल्थ इंश्योरेंस की पॉलिसी एक्टिव देखकर अक्सर लोगों को लगता है कि अस्पताल में होने वाला हर खर्च बीमा कंपनी देगी। हालांकि, ऐसा जरूरी नहीं है, क्योंकि हर पॉलिसी में कुछ नियम और शर्तें होती हैं। इन शर्तों के कारण किसी इलाज का पूरा या कुछ हिस्सा कवर नहीं हो सकता है। इसलिए पॉलिसी लेते समय केवल कितने रुपये का बीमा है, यह देखना काफी नहीं है। उसमें क्या शामिल है और क्या नहीं, यह जानना भी जरूरी है।

#1

कुछ इलाज का पैसा नहीं मिलता

हर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में कुछ इलाज और खर्च शामिल नहीं होते हैं, जिन्हें एक्सक्लूजन कहा जाता है।

उदाहरण के लिए कुछ कॉस्मेटिक इलाज, कुछ दांतों के इलाज और इनफर्टिलिटी से जुड़े खर्च पॉलिसी में शामिल नहीं हो सकते। इसके अलावा, कुछ बीमारियों के इलाज के लिए तय समय तक इंतजार करना पड़ सकता है।

अगर इस समय से पहले इलाज कराया जाता है, तो उस इलाज का क्लेम बीमा कंपनी नहीं दे सकती।

#2

सही जानकारी देना जरूरी

इंश्योरेंस लेते समय अपनी बीमारी और पुराने इलाज की सही जानकारी देना बहुत जरूरी है।

अगर किसी बीमारी या पुराने इलाज की जानकारी फॉर्म में नहीं दी गई है, तो क्लेम के समय बीमा कंपनी इसकी जांच कर सकती है। इसलिए फॉर्म भरते समय हर जानकारी ध्यान से पढ़कर दें और बिना पढ़े किसी एजेंट के कहने पर जवाब न दें।

इसके अलावा, रूम रेंट की सीमा और अपनी जेब से भुगतान वाली शर्तें भी पहले समझ लें।

ADVERTISEMENT

#3

कागज और नियमों का रखें ध्यान

क्लेम करते समय अस्पताल से मिलने वाले जरूरी कागज संभालकर रखें। इनमें अस्पताल का बिल, डॉक्टर की पर्ची, जांच रिपोर्ट और छुट्टी के समय मिलने वाली रिपोर्ट शामिल हो सकती है।

कैशलेस इलाज में भी बीमा कंपनी की मंजूरी जरूरी हो सकती है और पूरा बिल मिलना तय नहीं होता। अगर क्लेम खारिज हो जाए, तो कंपनी से इसकी साफ वजह और पॉलिसी की संबंधित शर्त पूछें।

जरूरत पड़ने पर आप कंपनी की शिकायत भी कर सकते हैं।

ADVERTISEMENT