भारत का बीयर उद्योग क्यों कर रहा संकट का सामना?
क्या है खबर?
भारत का बीयर उद्योग इन दिनों संकट का सामना कर रहा है। यूनाइटेड ब्रुअरीज लिमिटेड के प्रमुख विवेक गुप्ता ने साफ कहा कि युद्ध, बढ़ती लागत और सप्लाई की कमी से हालात बिगड़ गए हैं। कंपनियां कीमत भी नहीं बढ़ा पा रही हैं, क्योंकि सरकार का कंट्रोल रहता है। ऐसे में कंपनियों के लिए काम करना मुश्किल हो गया है और पूरे सेक्टर पर दबाव बढ़ता जा रहा है, जिससे आगे की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ रही है।
लागत
बढ़ती लागत और सप्लाई की दिक्कत
बीयर बनाने में इस्तेमाल होने वाली चीजें जैसे बोतल, कच्चा माल और एल्युमिनियम महंगे हो गए हैं। रुपये की कमजोरी और एक्सपोर्ट में कमी ने भी असर डाला है। गुप्ता ने बताया कि लागत करीब 15 प्रतिशत बढ़ चुकी है। कैन की कमी भी बड़ी समस्या है क्योंकि गैस की कमी से उत्पादन घटा है। इससे कंपनियों के लिए सप्लाई बनाए रखना मुश्किल हो रहा है और बाजार में कमी का खतरा बढ़ रहा है।
नियम
सरकारी नियम से परेशानी
गुप्ता ने बताया कि बीयर का करीब 75 प्रतिशत कारोबार सरकारी नियमों के तहत चलता है। कंपनियां अपनी मर्जी से कीमत नहीं बढ़ा सकती हैं। उन्होंने सरकार से कीमत बढ़ाने या टैक्स में राहत देने की मांग की है। उनका कहना है कि कंपनी को कम पैसा मिलता है जबकि टैक्स ज्यादा देना पड़ता है। इससे मुनाफा कम हो रहा है और इंडस्ट्री पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
चिंता
खपत में बदलाव और आगे की चिंता
महंगाई बढ़ने से लोग अब सस्ते ब्रांड और छोटे पैक खरीद रहे हैं। कैन की मांग तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि इसमें कम खर्च होता है। हालांकि, कुल खपत में थोड़ी बढ़त दिखी है, लेकिन गुप्ता ने चेतावनी दी कि अगर हालात नहीं सुधरे तो छोटी कंपनियां बंद हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार से मदद नहीं मिली तो सप्लाई और नए काम दोनों पर असर पड़ेगा और समस्या और बढ़ सकती है।