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#NewsBytesExplainer: सरकार ने सोने-चांदी पर आयात शुल्क क्यों बढ़ाया, आप पर क्या होगा असर?
सरकार ने सोने-चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाया है

#NewsBytesExplainer: सरकार ने सोने-चांदी पर आयात शुल्क क्यों बढ़ाया, आप पर क्या होगा असर?

लेखन आबिद खान
May 13, 2026
01:13 pm

क्या है खबर?

केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाले शुल्क को 6 से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। इस आदेश के जारी होते ही आज सोने की कीमत 10,000 और चांदी की 18,000 रुपये तक बढ़ गई है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की थी। इस कदम को प्रधानमंत्री के उस बयान से भी जोड़ा जा रहा है। आइए जानते हैं इसका क्या असर होगा।

फैसला

सबसे पहले जानिए सरकार ने क्या फैसला लिया?

सरकार ने आज से सोने और चांदी पर 10 प्रतिशत मूल सीमा शुल्क (BCD) और 5 प्रतिशत कृषि अवसंरचना एवं विकास उपकर (AIDC) लागू किया है। यानी इस तरह सोने-चांदी पर कुल आयात शुल्क 16 प्रतिशत हो गया है। पहले ये दोनों कर क्रमशः 5 और 1 प्रतिशत थे। यानी कुल 6 प्रतिशत आयात शुल्क लगता था। इसके साथ ही आभूषणों के लिए इस्तेमाल होने वाले पुर्जों और कुछ औद्योगिक इनपुट पर भी शुल्क में संशोधन किया गया है।

वजह

क्या है फैसले के पीछे की वजह?

इस फैसले के पीछे सबसे बड़ी वजह डॉलर की बचत करना, सोने की मांग कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार की रक्षा करना है। दरअसल, देश में सोने का उत्पादन नहीं होता है। लगभग पूरी मांग विदेशों से खरीदकर पूरी की जाती है। विदेश से सोना खरीदने के लिए डॉलर में भुगतान करना होता है। इससे ज्यादा पैसा बाहर जाने लगता है और अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ता है। सरकार विदेशी मुद्रा भंडार बचाए रखना चाहती है।

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डॉलर

विदेश से कितना सोना खरीदता है भारत?

वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते 6 साल में सोने का आयात ढाई गुना बढ़ा है। 2025-26 में कुल आयात खर्च में सोने का हिस्सा 9-10 प्रतिशत था। इस दौरान भारत ने सोने के आयात पर 6.88 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यानी सोने की खरीद जितनी कम होगी, डॉलर भी उतने ही कम बाहर जाएंगे। अगर आयात में 30-40 प्रतिशत की भी कमी आती है, तो एक साल में 2 लाख करोड़ रुपये तक बच सकते हैं।

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असर

अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर?

इससे कच्चे तेल जैसे जरूरी आयात के लिए विदेशी मुद्रा की बचत होगी, क्योंकि भारत अपने कुल तेल का 88 प्रतिशत आयात करता है। देश का व्यापार घाटा कम हो सकता है और रुपये को कुछ सहारा मिल सकता है। सोने की पेनिक बाइंग और कीमतों में फेरबदल से मुनाफाखोरी करने वालों पर लगाम लगने की उम्मीद है। जानकारों के मुताबिक, यह फैसला लंबी अवधि के लिए अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाने में कारगर हो सकता है।

उपभोक्ता

आम उपभोक्ताओं पर क्या होगा असर?

आम उपभोक्ताओं के लिए सोना खरीदना महंगा होगा। टैक्स या ड्यूटी बढ़ने से 'लैंडिंग कॉस्ट' बढ़ जाती है। इससे कीमतें भी बढ़ती है। आदेश आते ही आज सोना और चांदी के दाम में बढ़ोतरी हुई है। व्यापारियों को अब सोना मंगवाने के लिए ज्यादा टैक्स चुकाना होगा। इसका असर होगा कि थोक व्यापारी कम सोना मंगवाएंगे और बाजार में सोने की उपलब्धता कम हो सकती है। अंतत: इसका असर भी कीमत में बढ़ोतरी के तौर पर सामने आ सकता है।

सोना चांदी

सोना-चांदी पर ही क्यों बढ़ाया गया शुल्क?

कच्चे तेल के बाद सोने-चांदी की भारत के आयात बिल में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है। एक और अहम वजह ये है कि ईंधन परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों के लिए जरूरी है, लेकिन सोना-चांदी आमतौर पर लोग निवेश के मकसद से खरीदते हैं। जब ज्यादा सोना-चांदी खरीदा जाता है, तो ज्यादा डॉलर भी खर्च होते हैं और चालू खाता घाटा बढ़ जाता है। आमतौर पर चालू खाता घाटा रुपये को कमजोर करता है।

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