क्यों जल्दी रिटायर होने की योजना कई लोगों की हो जाती है असफल? जानिए वजह
क्या है खबर?
आजकल कई युवा जल्दी अमीर बनने और जल्दी रिटायर होने के सपने के साथ फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस, अर्ली रिटायरमेंट (FIRE) की राह चुन रहे हैं। सोशल मीडिया पर यह सोच काफी लोकप्रिय हो चुकी है, लेकिन यह जोखिम भरा है। असली दिक्कत यह नहीं है कि यह सोच गलत है, बल्कि समस्या यह है कि लोग इसकी प्लानिंग जल्दबाजी और अधूरे अनुमान के साथ करते हैं। सही तैयारी और धैर्य के बिना यह सपना अक्सर बीच रास्ते में टूट जाता है।
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बाजार गिरते ही क्यों डगमगा जाती है योजना?
कई लोग FIRE की शुरुआत तो पूरे जोश से करते हैं, लेकिन जैसे ही बाजार में गिरावट आती है, उनका भरोसा हिलने लगता है। घबराहट में लोग निवेश बेच देते हैं और पूरी योजना कमजोर पड़ जाती है। मजबूत योजना वही होता है जो अच्छे और बुरे दोनों समय में टिके। सिर्फ तेजी के दौर को देखकर बनाए गए रिटायरमेंट योजना अक्सर लंबे समय तक नहीं चल पाते और बीच में ही फेल हो जाते हैं।
#2
गलत अनुमान और जरूरत से ज्यादा दबाव
जल्दी रिटायरमेंट के चक्कर में बहुत से युवा अपनी करीब आधी सैलरी बचाने की कोशिश करते हैं। शुरुआत में यह संभव लगता है, लेकिन कुछ महीनों में थकान और तनाव बढ़ जाता है। वहीं, सिर्फ सालाना खर्च का 25 गुना पैसा रिटायरमेंट के लिए काफी मान लेना भी आज के समय में सही नहीं है। लंबी उम्र और बढ़ते खर्चों को देखते हुए ज्यादा सुरक्षित अनुमान जरूरी हो गया है।
#3
खर्च, सुरक्षा और सही क्रम की अहमियत
जैसे-जैसे कमाई बढ़ती है, वैसे-वैसे खर्च भी चुपचाप बढ़ जाता है, यही किसी के लिए सबसे बड़ा खतरा है। इसके अलावा, कई लोग बिना इमरजेंसी फंड बनाए पूरा पैसा निवेश कर देते हैं। नौकरी जाने या मेडिकल जरूरत पड़ने पर उन्हें नुकसान में पैसा निकालना पड़ता है। सही तरीका यह है कि पहले सुरक्षा, फिर बचत और अंत में रिटायरमेंट प्लानिंग की जाए, तभी FIRE योजना सफल हो सकता है।