IDBI बैंक की हिस्सेदारी खरीदने वाले फेयरफैक्स के CEO प्रेम वत्सा कौन हैं?
क्या है खबर?
केंद्र सरकार ने बुधवार (14 अक्टूबर) को IDBI बैंक में नियंत्रण वाली हिस्सेदारी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स को 52,878 करोड़ रुपये में बेचने की मंजूरी दे दी। इस सौदे से कनाडा के निवेशक प्रेम वत्सा के भारतीय कारोबार में बड़ा इजाफा होगा। वत्सा फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स के प्रमुख हैं। कंपनी ने 81 रुपये प्रति शेयर की बोली लगाई थी, जो तय किए गए 75.99 रुपये के मूल्य से अधिक है। सरकार ने इस बोली को उचित बताया है।
परिचय
कौन हैं प्रेम वत्सा?
वत्सा कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं।
उन्हें निवेश की दुनिया में कनाडा का वॉरेन बफेट भी कहा जाता है। उनका जन्म 1950 में हैदराबाद के पास हुआ था। वत्सा लंबे समय से बीमा, वित्तीय सेवाओं और दूसरी कंपनियों में निवेश करते रहे हैं।
उनके नेतृत्व में फेयरफैक्स एक बड़ी वैश्विक कंपनी बनी, जो दुनिया के 100 से अधिक देशों में कारोबार करती है।
पढ़ाई
पढ़ाई से निवेश की दुनिया तक का सफर
वत्सा ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) से पढ़ाई की और आगे की शिक्षा के लिए कनाडा चले गए। वहां उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ओंटारियो से MBA किया।
पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए उन्होंने घर-घर जाकर एयर कंडीशनर और भट्ठियां बेचने का काम भी किया। वर्ष 1974 में उन्होंने कन्फेडरेशन लाइफ इंश्योरेंस में निवेश विश्लेषक के तौर पर काम शुरू किया।
यहीं उन्हें मूल्य आधारित निवेश के सिद्धांतों की जानकारी मिली।
अन्य
ऐसे खड़ी की फेयरफैक्स और भारत में बढ़ाया कारोबार
बीमा कंपनी में 9 साल काम करने के बाद वत्सा ने 1984 में साझेदारों के साथ निवेश सलाहकार कंपनी शुरू की। फिर 1985 में उन्होंने एक कनाडाई बीमा कंपनी में निवेश किया, जो आगे चलकर फेयरफैक्स की नींव बनी।
कंपनी ने भारत में थॉमस कुक इंडिया और बेंगलुरु के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में भी निवेश किया है। IDBI बैंक का सौदा उसके भारतीय कारोबार में एक और बड़ा जुड़ाव होगा।