जेमिनी और ChatGPT को पीछे छोड़ने वाले सर्वम AI के संस्थापक प्रत्युष कुमार कौन हैं?
क्या है खबर?
भारतीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टार्टअप सर्वम AI ने हाल ही में कुछ मामलों में OpenAI के ChatGPT और गूगल के जेमिनी मॉडल को पीछे छोड़ दिया है। इसके टूल्स के प्रदर्शन से साफ है कि भारत और यहां की टेक कंपनियां अब AI की दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। भारतीय भाषाओं पर फोकस करने वाला यह स्टार्टअप दिखा रहा है कि लोकल जरूरतों के हिसाब से बने मॉडल ग्लोबल कंपनियों को भी कड़ी टक्कर दे सकते हैं।
परिचय
कौन हैं डॉ. प्रत्यूष कुमार?
सर्वम AI की स्थापना डॉ. प्रत्यूष कुमार और डॉ. विवेक राघवन ने की है। डॉ. प्रत्यूष कुमार इस स्टार्टअप के सह-संस्थापक हैं और इसके सॉवरेन AI विजन की अहम कड़ी माने जाते हैं। उन्होंने IIT बॉम्बे से इंजीनियरिंग और ETH ज्यूरिख से पीएचडी की है। इससे पहले वे माइक्रोसॉफ्ट और IBM जैसी बड़ी संस्थाओं से जुड़े रहे हैं। भारतीय भाषाओं के लिए तकनीक विकसित करना उनकी खास पहचान रही है।
काम
क्यों खास है सर्वम AI का काम?
सर्वम AI का फोकस बड़े और भारी क्लाउड मॉडल्स की जगह हल्के, तेज और लोकल जरूरतों के मुताबिक AI बनाने पर है। कंपनी भारतीय भाषाओं, कम इंटरनेट स्पीड और मोबाइल जैसे प्लेटफॉर्म के लिए मॉडल तैयार कर रही है। इसके OCR और वॉयस टूल्स सरकारी सेवाओं, कॉल सेंटर, बैंकिंग और डिजिटल डॉक्यूमेंट्स में उपयोगी साबित हो सकते हैं। यही वजह है कि इसके काम को टेक जगत में गंभीरता से देखा जा रहा है।
प्रदर्शन
किन मामलों में छोड़ा ChatGPT और जेमिनी को पीछे?
सर्वम AI के टूल्स सर्वम विजन और बुलबुल ने खास बेंचमार्क टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन किया है। सर्वम विजन ने भारतीय भाषाओं के OCR टेस्ट में जेमिनी और ChatGPT से ज्यादा सटीक रिजल्ट दिए। वहीं बुलबुल टेक्स्ट-टू-स्पीच में साफ, नेचुरल और किफायती आवाजें देता है। कंपनी का दावा है कि भारतीय भाषाओं के मामलों में उसके मॉडल ज्यादा भरोसेमंद और उपयोगी साबित हो रहे हैं।