गोल्ड लोन चुकाने के ये तरीके अपनाएं, ब्याज के बचेंगे हजारों रुपये
क्या है खबर?
मेडिकल इमरजेंसी से लेकर घर में आए अन्य दूसरे खर्चों को गोल्ड लोन से आसानी से पूरा किया जा सकता है। कई बैंक आसानी से सोने के बदले कर्जा दे देती हैं। ब्याज दर भी कम होने के कारण कर्जदार को भी ज्यादा असर नहीं पड़ता, लेकिन असली फर्क चुकाने के तरीके से पड़ता है। गलत तरीका चुन लिया तो अतिरिक्त ब्याज में ही काफी पैसा चला जाता है। आइये जानते हैं लोन चुकाने के तरीके क्या-क्या हैं।
अतिरिक्त भुगतान
अतिरिक्त पैसा होने पर यह विकल्प अपनाएं
केवल ब्याज भुगतान: इसमें लोन अवधि के दौरान केवल ब्याज देना होता है और अवधि समाप्त होने पर मूलधन चुकाना होता है। एकमुश्त भुगतान: यह तरीका आपको लोन अवधि के अंत में मूलधन और ब्याज दोनों का एक साथ भुगतान करने की अनुमति देता है। आंशिक पूर्व भुगतान: जब भी आपके पास अतिरिक्त धनराशि हो तो आप इसे लोन में जमा करा सकते हैं, जिससे मूलधन और ब्याज दोनों कम हो जाते हैं।
बचत
यह तरीका अपनाया तो बचेंगे हजारों रुपये
फोरक्लोजर: ब्याज बचाने के लिए लोन अवधि समाप्त होने से पहले बकाया राशि एकसाथ जमाकर लोन को समय से पहले बंद करा सकते हैं। सुविधाजनक अवधि विकल्प: ब्याज ज्यादा देना न पड़े इसके लिए 1-12 महीने तक की रीपेमेंट अवधि चुनें, जिससे आपको यह तय करने का नियंत्रण मिलता है कि आप कितनी जल्दी भुगतान करना चाहते हैं। मासिक किस्त: यह रीमेंट का सामान्य तरीका है, जिसमें हर महीने EMI देनी होती है, जिसमें ब्याज और मूलधन शामिल होता है।
चयन
कौनसा विकल्प रहेगा आपके लिए सही?
गोल्ड लोन के लिए सबसे अच्छा भुगतान विकल्प चुनना कई बातों पर निर्भर करता है। सबसे पहले लोन की अवधि पर विचार करें। लंबी अवधि आपको अधिक लचीलापन देती है, जिससे आप किस्तों में अग्रिम भुगतान जैसे विकल्प चुन सकते हैं। मासिक आय स्थिर है तो नियमित मासिक ब्याज भुगतान एक अच्छा विकल्प हो सकता है। लोन का तेजी से रीपेमेंट करने के लिए मूलधन का अतिरिक्त भुगतान करना या ब्याज का जल्दी भुगतान कुल ब्याज बचाने में सहायक है।