कहीं महंगा न पड़ जाए सस्ता दिखने वाला प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन, लेने से पहले रहें सावधान
क्या है खबर?
आपके मोबाइल फोन पर आए दिन प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन का मैसेज आता रहता है। बैंक न कोई कागजी कार्रवाई, न बैंक के चक्कर और कुछ ही मिनटों में खाते में पैसा आने का दावा कर ग्राहकों को आकर्षित करते हैं। जरूरत के समय यह ऑफर बेहद आकर्षक लगता है, लेकिन कई बार जल्दबाजी में फैसला लेना महंगा साबित हो सकता है। आइये जानते हैं प्री-अप्रूव्ड लोन का ऑफर लेने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
ब्याज दर
ब्याज दर के प्रकार पर भी दें ध्यान
ज्यादातर लोग लोन लेते समय केवल ब्याज दर देखते हैं, लेकिन यह नहीं देखते कि यह फिक्स्ड है या फ्लोटिंग। अगर, फ्लोटिंग है तो शुरुआत में यह कम हो सकती है, लेकिन बाद में बदलने से कर्जा बढ़ सकता है। इसके अलावा विज्ञापन में दिखाई गई दर हर किसी को नहीं मिलती। यह आपके क्रेडिट स्कोर, आय, नौकरी की स्थिरता और पुराने लोन रिकॉर्ड पर निर्भर करती है। इसलिए, पहले वास्तविक ब्याज दर जरूर देख लें।
लोन राशि
उम्मीद से कम हो सकती है लोन राशि
कई बैंक लोन मंजूर होने के बाद प्रोसेसिंग फीस, बीमा शुल्क और अन्य चार्ज पहले ही काट लेते हैं। इस कारण खाते में आने वाली रकम कम होती है। इसलिए पहले से यह पता करना सही रहेगा कि खाते में कितनी राशि आएगी। कई लोग पूरी अवधि तक लोन चलाना नहीं चाहते। वे अतिरिक्त पैसा आते ही फटाफट कर्जा चुकाने का प्रयास करते हैं। ऐसे में प्रीपेमेंट और फोरक्लोजर चार्ज के बारे में पहले से पता करना जरूरी है।
कर्जा
कुल कर्जे की राशि देखें
कम EMI सुनकर आपको अच्छा लगता है, लेकिन अक्सर इसका मतलब लंबी अवधि तक चलने वाला और ज्यादा ब्याज वाला लोन होता है। ऐसे में EMI की बजाय कुल भुगतान राशि पर ध्यान देना जरूरी है। यह पता करें कि क्या भविष्य में लोन की अवधि घटाने, अतिरिक्त भुगतान करने या EMI की तारीख बदलने के विकल्प भी हैं। यह भी पता करें कि किस्त चूकने पर कितना जुर्माना लगेगा या ग्राहक के साथ व्यवहार कैसा रहता है।