मेटा छंटनी से प्रभावित 8,000 कर्मचारियों को क्या दे रही राहत पैकेज?
क्या है खबर?
मेटा प्लेटफॉर्म्स ने अपने ग्लोबल वर्कफोर्स में करीब 8,000 कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी है। यह कंपनी के कुल कर्मचारियों का लगभग 10 प्रतिशत माना जा रहा है। कंपनी ने कहा है कि यह कदम बड़े संगठनात्मक बदलाव का हिस्सा है, जिसका मकसद कामकाज को आसान बनाना और रिसोर्स को नए निवेश वाले क्षेत्रों में लगाना है। रिपोर्ट के अनुसार, मार्च, 2026 के आखिर तक मेटा में करीब 78,000 कर्मचारी काम कर रहे थे।
राहत पैकेज
कर्मचारियों को मिलेगा बड़ा राहत पैकेज
छंटनी से प्रभावित कर्मचारियों के लिए मेटा ने राहत पैकेज का भी ऐलान किया है। कंपनी अमेरिका में कर्मचारियों को कम से कम 16 हफ्तों की बेस सैलरी देगी। इसके अलावा, हर पूरे साल की नौकरी के बदले दो हफ्ते की अतिरिक्त सैलरी भी दी जाएगी। उदाहरण के तौर पर, पांच साल तक काम करने वाले कर्मचारी को बेस पैकेज के अलावा 10 हफ्तों की अतिरिक्त सैलरी मिलेगी। साथ ही मेडिकल कवरेज भी 18 महीने तक जारी रखा जाएगा।
AI टीम
AI टीमों में भेजे गए हजारों कर्मचारी
मेटा सिर्फ छंटनी ही नहीं कर रही है, बल्कि कंपनी 7,000 से ज्यादा कर्मचारियों को नई AI टीमों में भी भेज रही है। कंपनी का फोकस अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी से बढ़ रहा है। मेटा का कहना है कि इन बदलावों का मकसद कंपनी को ज्यादा तेज और कुशल बनाना है। रिपोर्ट्स के अनुसार, छंटनी और रीअसाइनमेंट मिलाकर कंपनी के लगभग पांचवें हिस्से के कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है।
आशंका
आगे भी हो सकती है नई छंटनी
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि 2026 के दूसरे हिस्से में मेटा और छंटनी पर विचार कर सकती है, लेकिन कंपनी ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इससे पहले भी मार्क जुकरबर्ग के नेतृत्व में मेटा 2022 और 2023 में 20,000 से ज्यादा नौकरियां खत्म कर चुकी है। उस समय कंपनी ने इसे 'ईयर ऑफ एफिशिएंसी' नाम दिया था। मेटा का कहना है कि मौजूदा बदलावों के बाद फिलहाल नई छंटनी की योजना नहीं बनाई गई है।