पर्सनल लोन लेकर पछता रहे तो क्या बिना शुल्क कर सकते हैं कैंसिल?
क्या है खबर?
वर्तमान में मेडिकल इमरजेंसी से लेकर घर के जरूरी खर्चों को पूरा करने के लिए पर्सनल लोन तेजी और आसानी से मिलने वाला वित्तीय समाधान है। कई बार जल्दबाजी में लिया गया लोन बाद में भारी लगने लगता है। खर्च टलने पर या बेहतर ऑफर मिलने पर पछतावा होता है कि काश लोन न लिया होता। कम लोगों को पता है कि इस लोन को कैंसिल किया जाता है। आइये जानते हैं कैसे इस सुविधा का फायदा उठा सकते हैं।
सुविधा
क्या होता है कूलिंग-ऑफ पीरियड?
आपको जल्दबाजी में लिए गए लोन को लेकर भी पछतावा हो रहा है तो ऐसी ही परिस्थितियों के लिए बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) कूलिंग-ऑफ पीरियड की सुविधा देती हैं। इसके माध्यम से मुफ्त में लोन कैंसिल करने का मौका दिया जाता है। यह एक तरह से कस्टमर प्रोटेक्शन फीचर है, जिसके तहत आप तय समय के भीतर लोन वापस कर सकते हैं और बिना किसी चार्ज के कैंसिल भी करा सकते हैं।
अवधि
कितना मिलता है कैंसिल कराने का समय?
कूलिंग-ऑफ पीरियड वह समय होता है जिसमें आप लोन की शर्तें, EMI, ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस सब कुछ दोबारा चेक कर सकते हैं। अगर, आपको लगे कि लोन ठीक नहीं है या जरूरत नहीं है तो आप इसे रद्द कर सकते हैं। यह पीरियड हर बैंक में अलग होती है, लेकिन आमतौर पर 3 से 15 दिनों के बीच होती है। कई जगह इसे फ्री लुक पीरियड भी कहते हैं।
प्रक्रिया
इस तरह कर सकते हैं लोन कैंसिल
लोन कैंसिल कराने के लिए पहले यह देखें कि आपका बैंक कितने दिनों का कूलिंग-ऑफ पीरियड देता है और क्या शर्तें हैं। इसके बाद इसकी जानकारी बैंक ब्रांच में लिखित आवेदन, बैंक की वेबसाइट/ऐप पर रिक्वेस्ट, ईमेल और कस्टमर केयर पर कॉल करके दे सकते हैं। लोन डिस्बर्स हो चुका है तो उसे वापस करना होगा और बैंक से कैंसिलेशन कन्फर्मेशन लें। इस पीरियड के भीतर लोन कैंसिल करना पूरी तरह फ्री होता है, लेकिन प्रोसेसिंग फीस रिफंड नहीं होती।