क्या है COBOL? एक ब्लॉग में इसके जिक्र से IBM को हुआ 2,700 अरब का नुकसान
क्या है खबर?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी एंथ्रोपिक के एक ब्लॉग पोस्ट के बाद टेक कंपनी IBM के शेयरों में आज 13.02 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है। इस बड़ी गिरावट से कंपनी को केवल एक कारोबारी दिन में 30 अरब डॉलर (लगभग 2,700 अरब रुपये) का नुकसान उठाना पड़ा है। बाजार में यह गिरावट निवेशकों की बढ़ती चिंता और अनिश्चित माहौल के बीच आई, जिसमें एंथ्रोपिक ने IBM से जुड़ी पुरानी तकनीक COBOL को लेकर अहम और गंभीर टिप्पणी की थी।
ब्लॉग
एंथ्रोपिक ने ब्लॉग में क्या कहा?
एंथ्रोपिक ने अपने ब्लॉग पोस्ट में कहा कि COBOL जैसे पुराने सिस्टम को आधुनिक बनाने में पहले कई साल और भारी खर्च लगता था। कंपनी का दावा है कि उसके AI टूल अब इस जटिल प्रक्रिया को तेज, सस्ता और आसान बना सकते हैं। ब्लॉग में कहा गया कि AI बड़े कोडबेस को समझकर उनकी जांच, दस्तावेजीकरण और सुधार की प्रक्रिया को काफी हद तक ऑटोमेट कर सकता है, जिससे सिस्टम को जल्दी मॉडर्न बनाया जा सकता है।
COBOL
क्या है COBOL?
COBOL यानी कॉमन बिजनेस-ओरिएंटेड लैंग्वेज एक पुरानी लेकिन अब भी प्रभावी प्रोग्रामिंग भाषा है, जिसे 1959 में विकसित किया गया था। यह भाषा आज भी बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, सरकारी सिस्टम और एटीएम ट्रांजैक्शन में बड़े पैमाने पर सक्रिय रूप से इस्तेमाल होती है। रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में अरबों लाइन का COBOL कोड अभी भी संचालन में है। हालांकि, इस भाषा को जानने वाले अनुभवी विशेषज्ञों की संख्या लगातार कम होती जा रही है।
डर
COBOL से क्यों जुड़ा शेयर गिरावट का डर?
निवेशकों को डर है कि अगर AI टूल COBOL सिस्टम को तेजी से और कम लागत में मॉडर्न बना सकते हैं, तो IBM की पारंपरिक कंसल्टिंग और सर्विस से होने वाली कमाई पर सीधा असर पड़ सकता है। लंबे समय से IBM की कई अहम सेवाएं इसी पुराने सिस्टम को संभालने, अपडेट करने और बनाए रखने पर आधारित रही हैं। AI के जरिए अगर यह काम कम समय और कम संसाधनों में होने लगा, तो कंपनी पर दबाव बढ़ेगा।
सफाई
IBM ने दी सफाई
गिरावट के बाद IBM ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उसके मेनफ्रेम प्लेटफॉर्म की ताकत सिर्फ COBOL पर निर्भर नहीं है। कंपनी ने बताया कि उसका सिस्टम उच्च स्तर की सुरक्षा, बेहतर प्रदर्शन, स्थिरता और विश्वसनीयता देता है, जिसे अन्य प्लेटफॉर्म आसानी से उपलब्ध नहीं करा सकते। हालांकि, बाजार में फिलहाल AI के बढ़ते प्रभाव और तकनीकी बदलावों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिसका असर कई बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों पर साफ दिखाई दे रहा है।