होम लोन में प्री या फुल EMI में क्या है अंतर? जानिए कौन-सा विकल्प सही
क्या है खबर?
अपना घर बनाते समय कई लोग होम लोन का रास्ता चुनते हैं। इसमें कई तरह के विकल्प होते हैं। यह प्री-EMI और फुल-EMI के साथ आता है। बहुत कम लोगों को इनके बीच का अंतर पता होता है, जो उनके लिए नुकसान का कारण बन जाता है। ऐसे में इनके बारे में जानकारी होना जरूरी होता है, ताकि आपको यह पता रहे कि कब कौनसा विकल्प चुनना सही रहेगा। आज हम आपको दोनों के बीच का फर्क बता रहे हैं।
प्री-EMI
प्री-EMI के क्या हैं फायदे-नुकसान?
प्री-EMI उनके लिए राहत का विकल्प बन जाता है, जिन्हें घर निर्माण के शुरुआत में कम नकदी की आवश्यकता होती है। इसमें सिर्फ ब्याज का भुगतान करना पड़ता है। यह उनके लिए भी सही है, जो शुरुआत में भारी किस्त नहीं चुका पाते। लंबे समय में यह विकल्प महंगा साबित हो सकता है। केवल ब्याज जमा होने के कारण मूल राशि जस की तस रहती है। इससे लोन अवधि बढ़ जाती है और कुल ब्याज भी ज्यादा भरना पड़ता है।
फुल-EMI
किसके लिए सही है फुल-EMI?
फुल-EMI में ब्याज और मूलधन दोनों शामिल होते हैं और यह लोन की वास्तविक अवधि को कम करता है। घर का निर्माण पूरा होते ही लोन की पूरी राशि खाते में जाती है और उधारकर्ता नियमित किस्त भरना शुरू करता है। इस विकल्प में मूलधन भी घटता रहता है, इसलिए पूरी अवधि में कुल ब्याज कम चुकाना पड़ता है। यह विकल्प उन लोगों के लिए बेहतर है, जिनकी आमदनी स्थिर है और जो अधिक राशि की किस्त झेल सकते हैं।