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UPI शुल्क को लेकर क्या है आम यूजर्स की चिंता?
UPI शुल्क को लेकर आम यूजर्स की चिंता

UPI शुल्क को लेकर क्या है आम यूजर्स की चिंता?

Sep 15, 2026
05:57 pm

क्या है खबर?

केंद्र सरकार ने 14 सितंबर को UPI से जुड़ा एक नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके अनुसार बैंक या कोई मर्चेंट 2,000 रुपये तक के UPI लेनदेन पर ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं ले सकेगा। सरकार ने इसे ग्राहकों के हित में उठाया गया फैसला बताया है। हालांकि, 2,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान पर संभावित शुल्क का असर मर्चेंट पर पड़ सकता है। इसी बात को लेकर UPI यूजर्स चिंतित हैं कि इसका बोझ आखिरकार उन तक पहुंच सकता है।

शुल्क

मर्चेंट से लिया जाएगा शुल्क

सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन में साफ किया गया है कि 2,000 रुपये तक के UPI और रुपे डेबिट कार्ड भुगतान पर ग्राहक से कोई भी शुल्क नहीं लिया जाएगा।

इससे साफ है कि भविष्य में संभावित शुल्क मर्चेंट यानी दुकानदार या भुगतान प्लेटफॉर्म को देना होगा। ऐसे में सीधे तौर पर ग्राहक से रकम नहीं वसूली जाएगी।

हालांकि, बड़े UPI भुगतान पर मर्चेंट को होने वाले खर्च को लेकर सवाल बने हुए हैं जिसे लेकर ग्राहक चिंतित हैं।

चिंता

ग्राहकों पर बोझ पड़ने की चिंता

2,000 रुपये से ज्यादा के UPI भुगतान पर शुल्क को लेकर आम यूजर्स की चिंता यह है कि मर्चेंट पर पड़ने वाला खर्च आखिरकार ग्राहकों तक पहुंच सकता है।

सोशल मीडिया पर लोग सवाल कर रहे हैं कि अगर दुकानदार को भुगतान लेने पर शुल्क देना होगा, तो वह हर ग्राहक को यह राहत कितने समय तक देगा।

यूजर्स का मानना है कि व्यापारी अतिरिक्त रकम मांगकर या सामान की कीमत बढ़ाकर इस खर्च की भरपाई कर सकते हैं।

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अन्य

नकद भुगतान के लिए कह सकते हैं दुकानदार

यूजर्स का तर्क है कि अगर कोई ग्राहक 3,000 रुपये का UPI भुगतान करता है और दुकानदार को 10 से 15 रुपये शुल्क देना पड़ता है, तो वह हर लेनदेन पर यह रकम खुद क्यों उठाएगा।

लोगों को डर है कि दुकानदार ग्राहकों से अतिरिक्त शुल्क मांग सकते हैं या भुगतान को छोटे हिस्सों में बांटने के लिए कह सकते हैं।

कुछ व्यापारी नकद भुगतान पर जोर दे सकते हैं, जिससे डिजिटल पेमेंट की सुविधा प्रभावित होने की आशंका है।

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