वॉरेन बफेट ने गूगल में बढ़ाई 83 फीसदी हिस्सेदारी, AI को मिलेगा बढ़ावा
वॉरेन बफेट की बर्कशायर हैथवे ने गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट में अपनी हिस्सेदारी 83 फीसदी बढ़ा दी है। अब ऐपल और अमेरिकन एक्सप्रेस के बाद यह बर्कशायर की तीसरी सबसे बड़ी होल्डिंग बन गई है।
30 जून तक बर्कशायर के पास अल्फाबेट के करीब 10.6 करोड़ शेयर थे, जिनकी कुल कीमत 37.8 अरब डॉलर (करीब 3,600 अरब रुपये) है।
3 महीने पहले कंपनी के पास 5.78 करोड़ शेयर ही थे। इस निवेश से अल्फाबेट को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को बढ़ाने में सीधे तौर पर मदद मिलेगी।
दूसरी तिमाही में खरीदे करीब 2,200 अरब रुपये के शेयर
बर्कशायर का यह कदम उसकी निवेश रणनीति में एक बड़ा बदलाव दिखाता है। पिछले 3 साल से कंपनी ज्यादातर शेयर बेच रही थी, लेकिन इस बार दूसरी तिमाही में ही उसने 23.5 अरब डॉलर (करीब 2,200 अरब रुपये) के शेयर खरीदे हैं।
इसके चलते बर्कशायर के पास मौजूद नकद राशि घटकर 364.7 अरब डॉलर (करीब 35,000 अरब रुपये) रह गई है, जो मार्च में 380.2 अरब डॉलर (करीब 36,000 अरब रुपये) थी। कंपनी ने डेल्टा एयरलाइंस और मैसीज में भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, जबकि कॉन्स्टेलेशन ब्रैंड्स से वह पूरी तरह बाहर निकल गई है।
वैसे तो अब मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ग्रेग एबेल ही ज्यादातर निवेश के फैसले लेते हैं, लेकिन बफेट ने बताया कि अल्फाबेट में निवेश करने का विचार उनका था। वह और एबेल मिलकर ही तय करते हैं कि कंपनी अपनी पूंजी कहां लगाए।