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ज्यादा नमक-चीनी और फैट वाले पैकेज्ड फूड पर लगेगा चेतावनी लेबल, FSSAI बदलेगी नियम
ज्यादा नमक-चीनी और फैट वाले फूड पर लगेगा चेतावनी लेबल

ज्यादा नमक-चीनी और फैट वाले पैकेज्ड फूड पर लगेगा चेतावनी लेबल, FSSAI बदलेगी नियम

Sep 21, 2026
12:24 pm

क्या है खबर?

केंद्र सरकार खाद्य उत्पादों को लेकर जल्द ही अपने नियमों को कड़ा कर सकती है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजित पुन्हानी ने एक इंटरव्यू में बताया कि ज्यादा फैट, नमक और चीनी वाले पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर चेतावनी निशान लगाने की तैयारी है। यह चेतावनी ऑनलाइन बिकने वाले उत्पादों पर भी दिखानी होगी। साथ ही, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की जांच बढ़ाने और नियमों का उल्लंघन पकड़ने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा।

कारोबार

ई-कॉमर्स और खाद्य कारोबार पर नजर

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बिकने वाले खाद्य उत्पादों की जानकारी पर भी नजर रखी जाएगी।

प्लेटफॉर्म पर वही जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए, जो उत्पाद के पैकेट पर दी गई है। राज्यों ने डार्क स्टोर और क्लाउड किचन की जांच भी बढ़ाई है। डार्क स्टोर में ठंडे सामान की व्यवस्था और क्लाउड किचन में सफाई की जांच होगी।

डेयरी, मांस, अंडे, पोल्ट्री, मसाले और शहद जैसे ज्यादा जोखिम वाले उत्पादों की जांच भी ज्यादा बार की जाएगी।

उल्लंघन

AI से पकड़े जाएंगे नियमों के उल्लंघन

खाद्य सुरक्षा नियमों को लागू करने के लिए AI का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा।

FSSAI ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ मिलकर एक AI टूल का परीक्षण शुरू किया है। यह टूल ऑनलाइन नियमों के उल्लंघन को पहचानकर उन्हें चिन्हित कर सकेगा।

फिलहाल देश में करीब 3,000 खाद्य सुरक्षा अधिकारी हैं। राज्यों में करीब 1,000 और पदों पर भर्ती के लिए मांग भेजी गई है। इससे जांच व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।

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लेबल

चेतावनी लेबल पर जल्द शुरू होगी प्रक्रिया

ज्यादा फैट, नमक और चीनी वाले खाद्य उत्पादों पर चेतावनी निशान लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। पहले ड्राफ्ट नोटिफिकेशन और फिर अंतिम नियम जारी किए जाएंगे। कंपनियों को पैकेजिंग बदलने के लिए कुछ समय दिया जाएगा।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी चेतावनी दिखानी होगी। इसके अलावा प्रोटीन, सप्लीमेंट और न्यूट्रास्यूटिकल्स से जुड़े गलत दावों पर भी कार्रवाई जारी रहेगी।

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