योगी सरकार ने स्टार्टअप और डाटा सेंटर को बढ़ावा देने के बनाई पॉलिसी
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल ने स्टार्टअप पॉलिसी-2026 और डाटा सेंटर पॉलिसी-2026 को मंजूरी दे दी है।इन नीतियों का सीधा मकसद राज्य में नवाचारों को बढ़ावा देना, युवा उद्यमियों को आगे बढ़ाना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। इसके साथ ही, प्रदेश को 1,000 अरब डॉलर (करीब 90,000 अरब रुपये) की अर्थव्यवस्था बनाने के बड़े लक्ष्य की ओर भी ये नीतियां एक मजबूत कदम बढ़ाती हैं।
ये दोनों नीतियां ही टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में काफी अहम भूमिका निभाएंगी।
स्टार्टअप्स को हर महीने मिलेंगे 20,000 रुपये
अब स्टार्टअप्स को 2 साल तक हर महीने 20,000 रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा, प्रोटोटाइप ग्रांट्स और सीड फंडिंग को भी दोगुना कर दिया गया है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) या रोबोटिक्स जैसे डीप-टेक प्रोजेक्ट्स के लिए तो 30 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
बुंदेलखंड और पूर्वांचल के इनक्यूबेटर्स को भी खास बढ़ावा मिलेगा, ताकि वहां का स्थानीय प्रतिभाएं उभरकर सामने आ सकें।
2GW क्षमता का डाटा सेंटर बनाने का लक्ष्य
इस नई पॉलिसी का लक्ष्य है कि राज्य में 2 गीगावाट (GW) की डाटा सेंटर क्षमता बढ़ाई जाए और 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश आकर्षित किया जाए।
इसमें बुंदेलखंड और पूर्वांचल जैसे क्षेत्रों के लिए खास प्रोत्साहन शामिल हैं। इन कोशिशों से उत्तर प्रदेश IT सेक्टर की नौकरियों और सस्टेनेबल टेक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक पसंदीदा जगह बनकर उभरेगा।