शॉपिफाई का कर्मचारियों को AI का इस्तेमाल अनिवार्य करना पड़ रहा भारी
पिछले साल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म शॉपिफाई ने अपने कर्मचारियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का इस्तेमाल जरूरी कर दिया था, लेकिन उनकी यह योजना उम्मीद के मुताबिक नहीं रही।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) टोबियास लुटके ने खुद माना कि इस फैसले से कंपनी में बेकार और घटिया गुणवत्ता के ईमेल और कोड की बाढ़ आ गई है। उन्होंने इसे 'स्लॉप ग्रेनेड' नाम दिया है।
अब कर्मचारियों को AI की इन गलतियों को सुधारने में ज्यादा समय लगाना पड़ रहा है, जिससे गुणवत्ता नियंत्रण उनके लिए एक बड़ी परेशानी बन गया है।
कर्मचारियों का AI के प्रति हुआ नकारात्मक रवैया
इस समस्या से जूझने वाली अकेली शॉपिफाई ही नहीं है। अप्रैल में हुए एक सर्वे में सामने आया कि 40 प्रतिशत दफ्तर के कर्मचारियों को 'वर्कस्लॉप' से निपटना पड़ा है। वर्कस्लॉप का मतलब है AI से बनी ऐसी सामग्री जो देखने में तो शानदार लगती है, लेकिन उसमें कोई खास जानकारी या दम नहीं होता।
इस वजह से बड़ी-बड़ी कंपनियों को उत्पादकता के नुकसान के तौर पर लाखों का घाटा उठाना पड़ा है। सितंबर तक आते-आते ज्यादातर कर्मचारियों का इस AI टेक्नोलॉजी के प्रति रवैया नकारात्मक हो गया था।