अमेरिकी पाबंदी का ईरान को भारत के निर्यात पर नहीं पड़ेगा असर
ईरान पर अमेरिका के नए प्रतिबंधों से भारत के निर्यात को खास फर्क पड़ने वाला नहीं है। इसकी बड़ी वजह यह है कि भारत, ईरान को ज्यादातर जरूरी चीजें, जैसे बासमती चावल और दवाएं ही भेजता है।
पिछले वित्त वर्ष भारत ने ईरान को कुल 1.25 अरब डॉलर (करीब 115 अरब रुपये) का सामान निर्यात किया था। इसमें से अकेले चावल का हिस्सा 81 करोड़ डॉलर (करीब 7,700 करोड़ रुपये) था। ऐसे में नए प्रतिबंधों के बावजूद दोनों देशों के बीच मुख्य व्यापार ठीक-ठाक चलता रहेगा।
भुगतान के खास तरीकों से मिला फायदा
वित्त वर्ष 2026 में ईरान ने भारत से 10 लाख टन से ज्यादा बासमती चावल खरीदा। यह पिछली अवधि के मुकाबले काफी ज्यादा था। इसकी मुख्य वजह ईरान की खाद्य सुरक्षा की जरूरतें हैं और साथ ही संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और जर्मनी जैसे देशों में भुगतान के लिए कुछ खास तरीके तैयार किए गए हैं।
ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के महासचिव अजय भालोथिया बताते हैं कि इन व्यवस्थाओं के कारण ही प्रतिबंधों के बावजूद व्यापार बिना किसी रुकावट के चलता रह रहा है।
निर्यातकों का यह भी कहना है कि चाय, दवा और मांस जैसे दूसरे बड़े निर्यातों पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा। इसकी वजह यह है कि ऐसे सामानों को मानवीय जरूरतों से जोड़कर देखा जाता है और उनके दूसरे विकल्प भी कम हैं।