खामेनेई की हत्या के लिए इजरायल ने सालों तक ट्रैफिक कैमरों और फोन नेटवर्क हैक किया-रिपोर्ट
क्या है खबर?
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के लिए इजरायल ने काफी बड़ी योजना बनाई और सालों तक ईरान में खामेनेई की गतिविधियों पर नजर रखी। यह खुलासा फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में हुआ है। उसने बताया कि इजरायल ने कई सालों तक ईरान के ट्रैफिक कैमरा नेटवर्क और मोबाइल फोन सिस्टम में घुसपैठ की थी। इजरायल निगरानी के जरिए खामेनेई की सुरक्षा दल की गतिविधियों पर नजर रख रहा था।
योजना
फुटेज को एन्क्रिप्ट करके तेल अवीव भेजा जाता था
रिपोर्ट में कई मौजूदा और पूर्व इजरायली खुफिया अधिकारियों के साथ-साथ इस ऑपरेशन से परिचित अन्य लोगों से बातचीत का हवाला दिया गया है। उन्होंने बताया कि कहा कि इजरायल ने तेहरान में लगभग सभी ट्रैफिक कैमरों की सुरक्षा में वर्षों से सेंध लगाई गई थी और मोबाइल नेटवर्क को हैक किया था। कुछ अधिकारियों ने बताया कि कैमरों से मिली फुटेज को एन्क्रिप्ट करके तेल अवीव और दक्षिणी इजरायल में स्थित सर्वरों पर भेजा जाता था।
हत्या
क्या-क्या मिलती थी जानकारी
रिपोर्ट में बताया गया कि विशेष कैमरा एंगल से यह निर्धारित करने में मदद मिली कि अंगरक्षक अपने निजी वाहन कहां खड़ा करते थे। उससे तेहरान में पाश्चर स्ट्रीट के पास परिसर के अंदर की दैनिक दिनचर्या की जानकारी मिलती थी। अमेरिकी और इजरायली खुफिया अधिकारी खामेनेई के रहने, मिलने, संवाद और शरण लेने की संभावित जगह का अध्ययन करते थे। वे खामेनेई से मिलने वाले अन्य वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य नेताओं पर भी नजर रख रहे थे।
योजना
कभी भी एक साथ नहीं मिलते थे खामेनेई और सभी अधिकारी
CNN के मुताबिक, 86 वर्षीय खामेनेई से मिलने वाले अधिकारी कभी भी एक जगह एक साथ नहीं मिलते थे। रविवार को खामेनेई की हत्या से पहले शीर्ष ईरानी अधिकारियों की शनिवार सुबह तेहरान परिसर के भीतर अलग-अलग स्थानों पर बैठक होनी थी, जहां सर्वोच्च नेता, राष्ट्रपति कार्यालय और राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र का कार्यालय है। पहले रात में हमले की योजना थी, जिसे बदलकर दिन में बदला गया। सुबह 6 बजे लड़ाकू विमानों ने परिसर पर सटीक निर्देशित गोलाबारी की थी।
हमला
60 सेकेंड में 3 ठिकानों को बनाया गया निशाना
तेहरान पर किया गया हमला अमेरिकी-इज़रायली के संयुक्त अभियान का प्रारंभिक चरण था। एक इजरायली सैन्य अधिकारी ने बताया कि हवाई हमलों में 60 सेकंड के भीतर 3 ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें खामेनेई और क्रांतिकारी गार्ड के प्रमुख सहित लगभग 40 वरिष्ठ अधिकारी मारे गए। उन्होंने कहा कि दिनदहाड़े हमला करने से अप्रत्याशित प्रतिक्रिया मिली। हमले में खामेनेई की पत्नी, बेटी, बहु और पोता भी मारे गए हैं।