शहरी होम डेकोर बाजार करीब 1,100 अरब रुपये के पार
शहरों में घर सजाने का बाजार अब 12 अरब डॉलर (करीब 1,100 अरब रुपये) से भी ज्यादा का हो गया है और तेजी से बढ़ रहा है। घर मालिक अपने घरों को स्टाइलिश और आरामदायक बनाने के लिए बहुत पैसा खर्च कर रहे हैं, यहां तक कि वे अपनी प्रॉपर्टी की कुल कीमत का 20 फीसदी तक इस पर लगा रहे हैं।
यह चलन पहले केवल बड़े शहरों तक सीमित था, लेकिन अब यह जयपुर और लखनऊ जैसे टियर 2 शहरों में भी फैल गया है। यहां तक कि प्रीमियम घरों की अंदरूनी सजावट का बजट 40 लाख रुपये तक पहुंच रहा है।
दोहरी कमाई वाले परिवार बढ़ा रहे मांग
मिलेनियल्स और दोहरी आय वाले परिवार इस मांग को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे इस क्षेत्र में और तेजी आ गई है। उन्हें मॉड्युलर किचन और अपनी पसंद के हिसाब से तैयार किए गए डिजाइन बेहद पसंद आ रहे हैं।
कोरोना महामारी ने लोगों की अपने घरों को बेहतर बनाने की दिलचस्पी को और बढ़ा दिया। जहां इस बाजार का 80 से 85 फीसदी हिस्सा अभी भी असंगठित है, वहीं ब्रैंडेड कंपनियां अब तेजी से अपनी जगह बना रही हैं।
अक्सर, देखा जाता है कि घरों की सजावट से जुड़े ज्यादातर बड़े फैसलों में महिलाओं की अहम भूमिका होती है। उनके लिए घर सजाना अपनी पहचान और रहन-सहन को दिखाने का एक जरिया बन जाता है।