ब्रिटेन में कर्मचारी AI पर सालाना जेब से खर्च कर रहे 1.3 अरब डॉलर
ब्रिटेन के कर्मचारी हर साल जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स पर अपनी जेब से 1.3 अरब डॉलर (करीब 120 अरब रुपये) खर्च कर रहे हैं।
वे ज्यादातर इन टूल्स का इस्तेमाल ईमेल लिखने या ऑनलाइन कुछ खोजने जैसे रोजमर्रा के कामों में मदद के लिए करते हैं। डेलॉयट के एक सर्वे के मुताबिक, ब्रिटेन में काम करने वाले 63 फीसदी वयस्क अब अपने दफ्तर के कामों में AI का इस्तेमाल करते हैं। इससे पता चलता है कि ये टूल्स अब उनके रोजमर्रा के ऑफिस के जीवन का कितना अहम हिस्सा बन गए हैं। इस सर्वे में 25,000 लोग शामिल थे।
कई कर्मचारियों को नहीं मिली AI की ट्रेनिंग
करीब आधे ब्रिटिश कर्मचारी मुफ्त AI टूल्स से ही काम चला रहे हैं, जबकि लगभग एक-तिहाई को उनके मालिक की तरफ से ये सुविधाएं मिलती हैं।
खास बात यह है कि 6 में से एक कर्मचारी तो ऐसा भी है, जो कम से कम एक टूल के लिए खुद पैसे चुकाता है। डेलॉयट के पॉल ली ने बताया कि AI को इतनी तेजी से अपनाया जा रहा है, जबकि कई कर्मचारियों को इसकी सही ट्रेनिंग या स्पष्ट दिशा-निर्देश भी नहीं मिले हैं। अमेरिका की तुलना में ब्रिटेन के लोग इन डिजिटल मददगारों को अपने काम में ज्यादा आसानी से शामिल करते हैं। वे इनका इस्तेमाल खासकर उन छोटे-मोटे कामों के लिए करते हैं, जिनसे समय बचता है और काम की रफ्तार बढ़ती है।