उबर करने जा रही 3,300 कर्मचारियों की छंटनी, जानिए क्या है वजह
क्या है खबर?
उबर लगभग 3,300 कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है, जो उसके कुल वैश्विक कार्यबल का करीब 10 फीसदी है। यह कदम एक बड़े पुनर्गठन योजना का हिस्सा है, जिसका मकसद मैनेजमेंट लेयर्स को कम करना और अपने मुख्य राइड-हेलिंग, डिलीवरी और रोबोटैक्सी बिजनेस पर संसाधनों को फिर से लगाना है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) दारा खोसरोशाही ने एक ईमेल में कहा कि नौकरियों में कटौती से कंपनी में प्रबंधकों की संख्या 20 फीसदी कम हो जाएगी।
असर
इन कर्मचारियों पर पड़ेगा असर
उबर के एक प्रवक्ता ने कहा कि कुछ प्रबंधकों को 'व्यक्तिगत योगदानकर्ता' भूमिका में भेजा जाएगा, जबकि छंटनी से वे कर्मचारी भी प्रभावित होंगे, जो प्रबंधक नहीं हैं।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल के आखिर में दुनियाभर में कंपनी के लगभग 34,000 कर्मचारी थे।
कंपनी उन टीमों को भी एक साथ ला रही है, जहां उसे लगता है कि काम के बंटवारे की वजह से दोहराव हुआ है और फैसले लेने में देरी हो रही है।
वजह
इस कारण करनी पड़ रही कटौती
CEO खोसरौशाही ने कहा कि पिछले 5 सालों में उबर की तेजी से हुई ग्रोथ ने कंपनी के अंदर और ज्यादा जटिलता पैदा कर दी है।
उन्होंने बताया कि ज्यादा लेयर्स, ज्यादा तालमेल, ओनरशिप का ज्यादा बंटवारा और कुछ मामलों में ऐसे स्ट्रक्चर, जो तब तो ठीक थे, जब बिजनेस छोटे थे, लेकिन अब मौजूदा स्केल के हिसाब से सही नहीं हैं।
कंपनी प्रमुख ने कहा कि पुनर्गठन का मकसद कंपनी को आसान और तेज बनाना है।