उबर ने शुरू की एजेंटिक पॉड्स पहल, अब घंटों का काम मिनटों में होगा पूरा
उबर के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO) प्रवीण नेपल्ली नागा ने बताया कि उनकी कंपनी ने एंथ्रोपिक के क्लॉड कोड के लिए अपना 2026 का पूरा बजट सिर्फ 3 महीने में ही इस्तेमाल कर लिया।
यही वजह है कि अब कंपनी ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। वे अब सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से काम की रफ्तार नहीं बढ़ा रहे, बल्कि काम करने के पूरे तरीके को ही नया रूप दे रहे हैं।
इसके लिए उन्होंने एजेंटिक पॉड्स नाम से एक पहल शुरू की है। इन पॉड्स में टॉप AI इंजीनियर्स के साथ फाइनेंस, लीगल और मार्केटिंग जैसे विभागों के लोग 2 सप्ताह के लिए मिलकर काम करते हैं।
एजेंटिक पॉड्स ने फैसले लेने के तरीके को बदला
ये पॉड्स पुराने कामकाज के तरीकों का बारीकी से विश्लेषण करते हैं और बेवजह लगने वाले समय को कम करने के लिए खास AI टूल बनाते हैं। इसके नतीजे भी दिख रहे हैं।
वित्तीय योजना का जो काम पहले 15 घंटे लेता था, वह अब सिर्फ 30 मिनट में हो जाता है। रिपोर्ट बनाने में लगने वाले 2 दिन अब केवल 10 मिनट में पूरे हो जाते हैं। इसके अलावा, मार्केटिंग की गुणवत्ता चेक में लगने वाला 2 सप्ताह का समय घटकर अब एक घंटे से भी कम समय हो गया है।
नागा का मानना है कि असली उत्पादकता तब आती है, जब हम फालतू के चरणों को हटाते हैं और फैसले लेने के तरीके को आधुनिक बनाते हैं और उबर की अलग-अलग टीमों में ये एजेंटिक पॉड्स ठीक यही काम कर रहे हैं।