ट्रू बैलेंस लोन मंजूरी के लिए कर रही AI का इस्तेमाल
ट्रू बैलेंस अब हर लोन आवेदन को अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्कोरिंग सिस्टम से गुजार रहा है। हालांकि, करीब 10 में से एक मामले में अभी भी इंसानों की जांच होती है।
यह सिस्टम पारंपरिक क्रेडिट स्कोर के अलावा यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) भुगतान या बैंक से जुड़ी गतिविधियों को भी परखता है।
इससे उन लोगों के लिए भी लोन मंजूर करवाना आसान हो गया है, जिनके पास ज्यादा क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है। कंपनी की मुख्य AI अधिकारी देबरिया दत्ता ने बताया कि ट्रू बैलेंस की क्रेडिट जोखिम का अंदाजा लगाने की सटीकता दोगुनी से ज्यादा बेहतर हुई है और लोन न चुकाने की दरें भी आधी से ज्यादा कम हो गई हैं।
परिचालन खर्चा घटकर 35 फीसदी हुआ
ट्रू बैलेंस ने अपने कुल कामकाज के खर्च को 60 फीसदी से घटाकर 35 फीसदी पर ला दिया है। यह तकनीक अब लोन वसूली से लेकर कस्टमर सर्विस तक हर जगह काम आ रही है।
आगे चलकर कंपनी बीमा सेक्टर में भी हाथ आजमाना चाहती है। साथ ही इंडोनेशिया और वियतनाम जैसे देशों में अपना कारोबार बढ़ाना चाहती है।
हालांकि, यह साफ है कि बड़े फैसलों पर अंतिम निर्णय अभी भी इंसानों का ही होता है।