वित्त जगत के दिग्गजों ने बताया AI के विकास के लिए बड़े टेक सौदे जरूरी
वित्त क्षेत्र की दिग्गज हस्तियां मानती हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भविष्य बड़े तकनीकी निवेश पर टिका है। ब्लैकस्टोन के अध्यक्ष जॉन ग्रे बताते हैं कि इस साल AI पर खर्च 730 अरब डालर (करीब 65,000 अरब रुपये) से ऊपर पहुंच रहा है।
मेटा, गूगल और ओरेकल जैसी कंपनियां बड़े फंड के साथ इसमें आगे रहने वाली हैं। यह सब AI की तेज रफ्तार विकास के साथ तालमेल बिठाने के लिए पर्याप्त कंप्यूटिंग ताकत जुटाने के बारे में है।
IPO दिखा रहे AI में निवेशकों की दिलचस्पी
ग्रे का मानना है कि ऐसे बड़े सौदे ही AI को आगे बढ़ाएंगे। वे स्पेस-X और एंथ्रोपिक के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) को इस बात का संकेत मानते हैं कि निवेशक अब भी इसमें रुचि ले रहे हैं। भले ही बाजार में थोड़ी अनिश्चितता बनी हुई है।
मॉर्गन स्टेनली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) टेड पिक ने बाजार में सुधार की संभावना भी जताई है, वहीं गोल्डमैन सैक्स के CEO डेविड सोलोमन कहते हैं कि मजबूत कंपनियां अब भी पैसा जुटा सकती हैं।
इसी बीच, एशिया-प्रशांत (APAC) क्षेत्र में 2026 की पहली 3 तिमाहियों में तकनीकी कंपनियों ने 125.8 अरब डालर (करीब 11,000 अरब रुपये) से ज्यादा का फंड जुटाया है, जो पहले से 3 गुना ज्यादा है।
यह CXMT के बड़े IPO जैसे सेमीकंडक्टर और AI सौदों की वजह से हुआ है। हालांकि, बढ़ती लागत, पूंजी की बढ़ती कीमत और आज के समय की कुछ शंकाएं इस रफ्तार को थोड़ा धीमा कर सकती हैं।