सुपर माइक्रो के ठेकेदार ने चीन को AI सर्वर तस्करी का आरोप कबूला
सुपर माइक्रो कंप्यूटर से जुड़े एक ठेकेदार टिंग वेई 'विली' सन ने चीन को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सर्वर गुप्त रूप से निर्यात करने का जुर्म कबूल कर लिया है।
इन सर्वरों में एनवीडिया के चिप लगे थे। ऐसा करके उन्होंने अमेरिकी निर्यात कानूनों का उल्लंघन किया।
इस पूरी चाल में उन्होंने तकनीक को दक्षिण पूर्व एशिया के रास्ते भेजा, ताकि उसका असली ठिकाना छिपाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इस तस्करी की गई तकनीक की कुल कीमत लगभग 2.5 अरब डॉलर (करीब 230 अरब रुपये) थी।
अमेरिका-चीन के बीच तकनीकी होड़ उजागर
यह मामला साफ दिखाता है कि अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी होड़ कितनी तीखी हो गई है, खासकर अत्याधुनिक AI हार्डवेयर को लेकर।
एनवीडिया के चिप्स को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, इसीलिए अमेरिकी निर्यात नियमों के तहत उन पर सख्त पाबंदियां लगी हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए वॉशिंगटन ने निर्यात नियंत्रणों को और कड़ा कर दिया है।
सुपर माइक्रो ने अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन खबर सामने आने के बाद उनके शेयरों में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है।