सुप्रीम कोर्ट से यस बैंक को करारा झटका, शेयर 15% लुढ़के
सुप्रीम कोर्ट ने 2020 में AT-1 बॉन्ड को राइट-ऑफ करने के यस बैंक के फैसले को पलट दिया है, जिससे बैंक को 5,300 करोड़ रुपये से 5,400 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।
अदालत ने कहा कि बैंक की बचाव योजना के तहत इन बॉन्ड को राइट-ऑफ करने की अनुमति नहीं थी। ऐसे में, अब यस बैंक को इन बॉन्ड को अपनी बैलेंस शीट में वापस दर्ज करना होगा।
इसका असर बैंक के नतीजों पर सितंबर 2026 तिमाही से ही दिखना शुरू हो सकता है, या ज़्यादा से ज्यादा इसे वित्तीय वर्ष FY27 की तीसरी तिमाही तक टाला जा सकेगा, पर इसके बाद नहीं।
यस बैंक के शेयर 15 प्रतिशत गिरे
यह अकाउंटिंग असर यस बैंक के पिछली तिमाही के मुनाफे से कहीं ज्यादा बड़ा है। साथ ही, अब बैंक को इन बॉन्ड पर फिर से ऊंची ब्याज दरें चुकानी पड़ेंगी।
इस खबर से निवेशक घबरा गए और एक ही दिन में शेयर 15 प्रतिशत तक गिर गए, जो पिछले 6 सालों में सबसे बड़ी गिरावट है।
बैंक का कहना है कि वह अपनी वित्तीय स्थिति की समीक्षा कर रहा है और कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है। यह अकाउंटिंग असर आगे चलकर यस बैंक की बैलेंस शीट और उसकी नियामक पूंजी (रेगुलेटरी कैपिटल) पर भी असर डाल सकता है।