डॉलर की मजबूती से कच्चे तेल और सोने की कीमत में आई गिरावट
मंगलवार (30 जून) को कमोडिटी की कीमतें कमजोर पड़ गईं क्योंकि कच्चे तेल और सोने के दाम गिरने के साथ ही अमेरिकी डॉलर भी मजबूत हो गया।
डॉलर के मजबूत होने पर दूसरे देशों की मुद्रा इस्तेमाल करने वालों के लिए सोना और तेल महंगा हो जाता है, जिससे इनकी मांग घट जाती है। इसके अलावा, मध्य पूर्व में हालात शांत होने से भी कीमतों में गिरावट देखने को मिली।
शांति वार्ता सकारात्मक रहने की उम्मीद में गिरे दाम
ट्रेडर्स की नजरें अमेरिका-ईरान की बातचीत पर टिकी थीं क्योंकि ऐसी उम्मीद थी कि इन वार्ताओं से तनाव कम होगा। इसी वजह से तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
ब्रेंट क्रूड 72.40 डॉलर (करीब 6,800 रुपये) प्रति बैरल पर आ गया, वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 70.32 डॉलर (करीब 6,600 रुपये) पर लुढ़क गया।
सोने की कीमतों में लगातार गिरावट जारी रही। यह 1.5 फीसदी गिरकर 3,957.74 डॉलर प्रति औंस (1.2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम) पर पहुंच गई।
इसकी मुख्य वजह यह थी कि निवेशकों को अमेरिका में जल्द ही ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, चांदी ने यहां अलग रुख दिखाया। यह थोड़ी बढ़कर 58.51 डॉलर प्रति औंस (करीब 1.95 लाख रुपये प्रति किलोग्राम) पर पहुंच गई, जबकि प्लैटिनम और पैलेडियम में भी हल्की बढ़त दर्ज की गई।