डॉलर की बिक्री से रुपया 6 पैसे मजबूत होकर 94.89 पर खुला
बुधवार (2 सितंबर) को भारतीय रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 6 पैसे मजबूत होकर 94.89 पर खुला। यह मंगलवार के मुकाबले एक छोटी-सी बढ़ोतरी थी।
रुपये में यह हल्की मजबूती भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की लगातार कोशिशों का नतीजा है। केंद्रीय बैंक पिछले 2 सप्ताह से लगातार डॉलर बेचकर रुपये को स्थिर बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
ऐसा तब हो रहा है, जब कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड जैसे वैश्विक कारण बाजार में उथल-पुथल मचाने की कोशिश कर रहे हैं।
इन कारणों से रुपये पर बना हुआ है दबाव
मंगलवार को अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने की वजह से कच्चे तेल की कीमतें 95.5 डॉलर (करीब 9,000 रुपये) प्रति बैरल के पार निकल गईं। इसी के साथ, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड भी 2025 की शुरुआत के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं। इन गतिविधियों से इस महीने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना और बढ़ गई है।
इन तमाम मुश्किलों के बावजूद, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि RBI के दखल ने रुपये को हाल के दिनों में अन्य एशियाई मुद्राओं के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की है।
उनके अनुसार, बाजार में फिर से दबाव बढ़ता है तो रुपये को 94.80-94.90 के आस-पास मजबूत समर्थन मिलने की उम्मीद है।