डॉलर के मुकाबले रुपये में मामूली उछाल, 95.33 पर पहुंचा
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मंगलवार (7 जुलाई) को भारतीय रुपया 95.33 पर थोड़ा मजबूत होकर खुला। यह पिछले बंद भाव से 7 पैसे ऊपर रहा।
सस्ते तेल और वैश्विक डॉलर में आई कमजोरी से एशियाई करेंसी को तो फायदा मिला, लेकिन रुपये की चाल अभी भी धीमी बनी हुई है।
ज्यादातर कारोबारी सतर्कता बरत रहे हैं। वे बुधवार को फेडरल रिजर्व की बैठक का ब्योरा जारी होने तक कोई बड़ा फैसला नहीं लेना चाहते।
94.80-95.00 का स्तर बना सपोर्ट जोन
कुछ अच्छे वैश्विक संकेत मिले, फिर भी रुपये में खास उतार-चढ़ाव नहीं दिख रहा है। इसकी वजह है कि बाजार का सेंटिमेंट अभी भी कमजोर बना हुआ है।
94.80-95.00 का स्तर एक अहम सपोर्ट जोन बन गया है। इस रेंज में आयात करने वाले बचाव कर रहे हैं, वहीं दूसरी कंपनियां विदेशी बाजारों में अच्छे मौके ढूंढ रही हैं।
CR फॉरेक्स एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक अमित पबारी ने कहा, "रुपये को मजबूती हासिल करने में परेशानी हो रही है क्योंकि हर कोई सावधानी बरत रहा है।"
6 जुलाई को भी आई थी रुपये में गिरावट
सोमवार (6 जुलाई) को रुपये में तेज गिरावट आई थी और यह 95.48 पर पहुंच गया था। हालांकि, बाद में इसमें थोड़ी रिकवरी भी देखने को मिली।
आगे रुपये की चाल कैसी रहेगी, यह ग्लोबल इकोनॉमिक सिग्नल्स और भारतीय बाजारों में होने वाले घटनाक्रमों दोनों पर निर्भर करेगा।
यही वजह है कि कारोबारी इस सप्ताह फॉरेक्स ट्रेडिंग में कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले हर चीज पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।