AI ने पहली छमाही में छीनी 1.19 लाख से ज्यादा कर्मचारियों नौकरी
टेक क्षेत्र में 2026 की पहली छमाही में ही 1.19 लाख से ज्यादा लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को ध्यान में रखते हुए अपने पूरे ढांचे को फिर से तैयार कर रही हैं।
एक तरफ जहां कंपनियां कह रही हैं कि AI से नए रास्ते खुलेंगे, वहीं दूसरी तरफ, कई कर्मचारियों को अपनी नौकरी की सुरक्षा को लेकर चिंता हो रही है क्योंकि अब कंपनियों का पूरा जोर ऑटोमेशन और लागत कम करने पर है।
ओरेकल ने 21,000 कर्मचारियों को निकाला
टेक की बड़ी-बड़ी कंपनियां तेजी से कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं। ओरेकल इस साल 21,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है क्योंकि वह AI टेक्नोलॉजी को अपनाने पर ज्यादा जोर दे रही है।
मेटा ने 8,000 नौकरियां खत्म कीं, लेकिन 7,000 लोगों को AI से जुड़े नए कामों में लगा दिया। पेपाल ने अपने 20 फीसदी कर्मचारियों को कम किया, वहीं डेल ने 11,000 पदों को खत्म किया और सिस्को ने भी करीब 4,000 नौकरियां घटाईं।
यह सब एक बड़ी कोशिश का हिस्सा है, ताकि कंपनियां इस बदलते उद्योग में अपनी पकड़ बनाए रख सकें। ऑटोमेशन के बढ़ने से कंपनियों की कर्मचारियों से जरूरतें भी बदल गई हैं।
माइक्रोसॉफ्ट ने की 4,800 कर्मचारियों की छंटनी
माइक्रोसॉफ्ट ने हाल ही में 4,800 लोगों को नौकरी से निकाला है। इनमें से ज्यादातर एक्सबॉक्स से थे। यह इस साल की उन छंटनियों के बाद हुआ है, जिनमें 9,000 से ज्यादा कर्मचारी पहले ही नौकरी गंवा चुके थे।
अमेजन और एटलसियन ने भी अपने कर्मचारियों की संख्या कम की है क्योंकि वे ऑटोमेशन पर ज्यादा जोर दे रहे हैं।