RBI ने रुपये की गिरावट रोकने के लिए उठाए सख्त कदम
भारतीय रुपया जब अपने अब तक के सबसे निचले स्तर के करीब पहुंच रहा है तो उसे सहारा देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बड़ा कदम उठाया है।
RBI ने तीन सरकारी तेल कंपनियों- इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम को सीधे अपने विदेशी मुद्रा भंडार से विदेशी मुद्रा मुहैया कराने का फैसला किया है।
यह कदम सोमवार से लागू हो जाएगा। इस पहल का मुख्य मकसद मुद्रा बाजार पर दबाव को थोड़ा कम करना है।
केंद्रीय बैंक ने घटाई ट्रेडिंग लिमिट
RBI ने करेंसी ट्रेडिंग से जुड़े नियमों को भी और सख्त किया है। उसने रुपये से जुड़े डेरिवेटिव्स के लिए ट्रेडिंग लिमिट 10 करोड़ डॉलर (करीब 950 करोड़ रुपये) से घटाकर केवल 50 लाख डॉलर (करीब 50 करोड़ रुपये) कर दी है।
इसके अलावा, विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव्स की रीबुकिंग पर भी रोक लगा दी गई है। इन सौदों के लिए अब कंपनियों को 20 फीसदी रिस्क रिजर्व भी रखना होगा। RBI के ये सभी कदम रुपये को मजबूत और स्थिर बनाए रखने के लिए उठाए जा रहे हैं।