पेंटागन अब दुश्मनों पर हमला करने के लिए उतारेगी ऑटोनॉमस ड्रोन
अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने जनरल एटॉमिक्स और एंडुरिल के साथ 'लॉयल विंगमेन' नाम के नए ऑटोनॉमस कॉम्बैट ड्रोन बनाने के लिए करार किया है।
ये ड्रोन मौजूदा फाइटर जेट्स और उनके पायलट्स के साथ मिलकर काम करेंगे। इससे पूरी व्यवस्था की लागत कम होगी और इंसानी पायलट्स वाले महंगे विमानों पर निर्भरता भी घटेगी।
यह पूरा प्रोजेक्ट 'कोलेबोरेटिव कॉम्बैट एयरक्राफ्ट' (CCA) प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य नई तकनीकों को तेजी से आसमान में उतारना है।
2030 तक 150 ड्रोन तैयार करने का लक्ष्य
इस योजना के तहत 2030 तक 150 ड्रोन तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे बाद में बढ़ाकर लगभग 1,000 तक किया जाएगा।
YFQ-42A और YFQ-44A जैसे प्रोटोटाइप मॉडल को अपग्रेड करके FQ-42A और FQ-44 वर्जन में बदला जाएगा, जो पूरी तरह इस्तेमाल के लिए तैयार होंगे।
सिस्टम में लचीलापन बनाए रखने के लिए सॉफ्टवेयर का विकास कई वेंडर्स मिलकर कर रहे हैं। स्मार्ट ड्रोंस को विकसित करने की यह पहल केवल अमेरिका तक सीमित नहीं है।
दुनियाभर के देश अपनी सैन्य रणनीतियों को बदलते वैश्विक हालात के हिसाब से एडवांस ऑटोनॉमस सिस्टम में निवेश कर रहे हैं।