भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की दौड़ में शामिल हुए 440 स्टार्टअप
भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र इस समय काफी सुर्खियां बटोर रहा है। देश में अभी लगभग 440 स्पेस टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं।
जून, 2020 में इस सेक्टर को निजी क्षेत्र के लिए खोला गया था। निजी क्षेत्र की भागीदारी को आसान बनाने वाली संस्था भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) की वजह से 50 से ज्यादा गैर-सरकारी कंपनियों को सरकार की आधिकारिक मंजूरी मिल चुकी है।
इनमें स्काईरूट एयरोस्पेस और अग्निकुल कॉसमॉस जैसे उभरते हुए नाम शामिल हैं।
4 सालों में 6 गुना बढ़ा निवेश
ये स्टार्टअप सिर्फ सपने ही नहीं देख रहे, बल्कि उन्हें पूरा करने में भी जुटी हैं। ये सैटेलाइट संचालन, पेलोड स्थापना और लॉन्च सर्विसेज जैसे कामों में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रही हैं।
वित्त वर्ष 2026-27 में भारतीय निजी कंपनियां 2 कमर्शियल रॉकेट लॉन्च करने का प्रस्ताव दे चुकी हैं और इसके बाद भी कई और लॉन्च की योजना है।
सबसे अहम बात यह है कि भारत के स्पेस सेक्टर में निजी निवेश सिर्फ 4 सालों में 10.05 कराेड़ डॉलर (करीब 950 करोड़ रुपये) से बढ़कर 61.85 करोड़ डॉलर (करीब 5,875 करोड़ रुपये) हो गया है।
यह लगभग 6 गुना की जबरदस्त बढ़ोतरी है, जो साफ दिखाता है कि इस क्षेत्र में इस वक्त कितना उत्साह और कितने बड़े मौके मौजूद हैं।