डाॅलर के मुकाबले रुपया 8 सितंबर के बाद पहली बार 95 के नीचे गिरा
भारतीय रुपया बुधवार (14 अक्टूबर) अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर 95.01 पर खुला और कुछ ही देर में यह 95 के स्तर से नीचे गिर गया, जो 8 सितंबर के बाद पहली बार हुआ है। यह मंगलवार (13 अक्टूबर) को 95.28 पर बंद हुआ था।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मुद्रा बाजार को स्थिर रखने और खतरनाक सट्टेबाजी पर लगाम लगाने के लिए कुछ नए कदम उठाए हैं और इसी के बाद रुपये में यह बढ़त देखी गई है।
सख्त किए आयात हेजिंग नियम
बाजार में बढ़ते दबाव को कम करने के लिए RBI ने तेल कंपनियों से कहा है कि वे डॉलर किसी खास चैनल से ही खरीदें। इसके अलावा, आयात करने वाली कंपनियों के लिए कीमतों के जोखिम से बचने (हेजिंग) के नियमों को भी काफी सख्त कर दिया गया है।
गवर्नर संजय मल्होत्रा का कहना है कि इन कदमों का मकसद असली कारोबारी जरूरतों को पूरा करना है, सट्टेबाजों को फायदा पहुंचाना नहीं।
इसी बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार के कुछ कारण भी रुपये के प्रदर्शन पर असर डाल रहे हैं। इनमें एशियाई शेयर बाजारों में उछाल और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें शामिल हैं।