डॉलर के मुकाबले 96 के स्तर के पार निकला रुपया, इन कारणों से आ रही गिरावट
मंगलवार (29 सितंबर) को भारतीय रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96 के स्तर को पार गया। यह पिछले कारोबारी सत्र के 95.98 के मुकाबले 7 पैसे की गिरावट के साथ 96.05 पर खुला। यह गिरावट ऐसे समय आई है, जब वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर (करीब 9,500 रुपये) प्रति बैरल के पार निकल गई हैं और बेंचमार्क 10 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़कर 5.2 फीसदी पर पहुंच गई है। यह लगभग 2 दशकों के सबसे ऊंचे स्तर के करीब है, जिससे रुपये के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं।
वैश्विक दबावों के आगे RBI के प्रयास विफल
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड का दाम 105 डॉलर (करीब 9,900 रुपये) प्रति बैरल तक पहुंच गया है, वहीं 10 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में इजाफे से महंगाई बढ़ने की आशंकाएं तेज हो गई हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) गिरावट को संभालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन रुपया अभी भी इन वैश्विक दबावों का सामना कर रहा है। CR फॉरेक्स एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक अमित पबारी के अनुसार, अभी रुपये में बड़ी तेजी की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। रुपया फिलहाल 96.10 से 96.20 के आस-पास प्रतिरोध का सामना कर सकता है।