डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 94.90 पर खुला भारतीय रुपया
भारतीय रुपया बुधवार (24 जून) को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले थोड़ा कमजोर होकर खुला। पिछले कारोबारी सत्र में 94.74 पर बंद होने के बाद आज यह 94.90 पर शुरू हुआ।
यह गिरावट फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावित चर्चाओं के कारण हुई है। इसी के चलते डॉलर इंडेक्स एक साल के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जिससे डॉलर और मजबूत होकर रुपए पर अतिरिक्त दबाव डाल रहा है।
ब्रेंट की गिरावट से रुपये पर दबाव कम
वैश्विक चुनौतियों के बावजूद हाल के दिनों में रुपये ने काफी स्थिरता बनाए रखी है। इसकी एक बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतें हैं। इस महीने ब्रेंट क्रूड के दाम करीब 17 फीसदी तक गिरे हैं, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था पर कुछ हद तक दबाव कम हुआ है।
इसके साथ ही, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने विदेशी जमा और उधार से जुड़े नियमों को साफ किया है, ताकि देश में पूंजी का प्रवाह बढ़ सके।
विश्लेषकों का कहना है कि तेल की कीमतें अब भी अहम हैं, लेकिन अब वैश्विक जोखिम और अमेरिका की ब्याज दरें रुपये की आगे की चाल तय करने में ज्यादा बड़ी भूमिका निभा रही हैं।
निवेश से मिलेगा रुपये को सहारा
रुपये की हालिया स्थिरता की एक वजह विदेशी कर्ज के निवेश प्रवाह में सुधार और शेयरों की बिकवाली में कमी भी है, जिसका मतलब है कि रुपये के लिए हालात बेहतर हो रहे हैं।
रिजर्व बैंक के नए कदमों को देखते हुए विशेषज्ञों को उम्मीद है कि ये सकारात्मक रुझान कुछ और समय तक बने रह सकते हैं।